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Author: Mukesh Chakarwarti

मधुमेह (diabetes ) क्या है? डायबिटीज कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? डायबिटीज से कैसे बचें? How To Control Diabetes?

मधुमेह (diabetes ) क्या है? डायबिटीज कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? डायबिटीज से कैसे बचें? How To Control Diabetes?

मुख्य, लाइफस्टाइल (जीवन शैली), स्वास्थ्य
आज कल के भाग दौड़ भरी जिंदगी में मोटापा (obesity) और डायबिटीज diabetes (मधुमेह ) दो सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं आम होती जा रही है । भाग दौड़ भरी  जीवनशैली, गलत खानपान इसके प्रमुख कारण हैं लेकिन जीवनशैली और खानपान की आदतों में सुधार करके हम इन समस्याओं से बच सकते हैं। मधुमेह (डायबिटीज ) में ब्लड शुगर (Blood sugar ) बहुत बढ़ जाता है जिससे शरीर की इंसुलिन उत्पादन क्षमता (Insulin production capacity ) प्रभावित होने लगती है। जिसके कारण कई ऐसा समस्याएं आने लगी है जिसके चलते शरीर सक्रिय रूप से इंसुलिन का इस्तेमाल ही नहीं कर पाता हैं । https://www.youtube.com/watch?v=RecBt-v3sQc मधुमेह के लक्षण (Symptoms of diabetes):- - बहुत ज्यादा या बार बार प्यास लगना - आँखों की रौशनी कम होना (दृष्टी धुंधली होना) - लगातार भूख लगना - बार-बार पेशाब का आना - अकारण वजन कम होना - कोई भ
संघर्ष मुखर्जी नगर

संघर्ष मुखर्जी नगर

करियर
" मुखर्जी नगर " सरकारी नौकरी की प्यास मे पानी की उस बूँद जैसा जिससे किसी प्यासे की प्यास बुझ जाती हो, यही है मुखर्जी नगर | कहा जाता है हमारे देश के हर कोने से यहां बच्चे आते है सरकारी नौकरी की चाहत और अपने सपनो को नयी दिशा और पूरा करसके इस ज़िद्द से, आइये आपको थोड़ा इनकी स्थति से अवगत कराता हु.... दोस्तों तयारी के लिए आने वाले लाखों छात्र हैं जिनमे एक तो जो छोटी परीक्षाओ मे बस पास होकर सेव लाइफ सेव जॉब करने के सपने लिए  बैठे हैं और दूसरे वो जो बड़ी भयंकर बीमारी से झूझ रहे हैं जिस बीमारी का नाम आई ए एस   दोस्तों ये वो बीमारी है जो आज मुखर्जी नगर के हर कोने मैं रहने वाले बच्चे के दिल मैं बस चुकी है कुछ के लिए ये नशा जैसी हो गयी है यहां रात कब होती है और दिन कब कुछ पता नहीं चलता, यहां चाय की चर्चा यहां बरसो की परंपरा बनी बैठी है जहां वो एक दूसरे से कुछ और बात करने के वजह बात करते
असंभव कुछ नहीं

असंभव कुछ नहीं

कहानी, जीवन वृत्त, मुख्य, व्यक्ति चित्र
हमारा जीवन बहुत कठिन है या में कुछ नहीं कर सकता ये शब्द आपने अकसर अपने आस पास के लोगो से सुना होगा और जब हमारे जीवन में एकसाथ बहुत सी मुश्किल हो तब, हम मुश्किलों का सामना करने की वजह उससे कही दूर भागने की सोचते हैं पर वास्तव में क्या ऐसा हो पाता है नहीं बल्कि हम उसकी चिंता में अपना आत्मविश्वास भी खो बैठते है और बिना कुछ किये ही हार मान लेते हैं जबकि वास्तव में हमने उसके लिए कोई प्रयास ही किया ही नहीं होता | आपको एक कहानी सुनाता हु ये कहानी है एक ऐसी लड़की की जो उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर की निवासी है और अपने दिल में अपने सपनो को जिन्दा रखकर उन्हें पूरा करने की कोशिश कर रही थी दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब यह लखनऊ से दिल्ली ट्रैन से आ रही थी तब ट्रैन में मौका पाकर बरेली के पास बदमाशों ने इनसे लूटपाट करने की कोशिश की तब इन्होने उसका विरोध किया तो उन बदमाशों ने इन्हे ट्रैन से बाहर
माँ वक्त वो ना रहा….

माँ वक्त वो ना रहा….

कविता, चिट्ठी पतरी, मुख्य, सोशल मीडिया, हिन्दी साहित्य
माँ वो वक्त वो ना रहा... ज़ब बचपन माँ तुम्हारे आंचल की छाँव में गुजरता था... ना कोई चिंता होती तब ना कोई फ़िक्र का पहरा रहता  था __ जब रोती कभी आँखें तो माँ चुप कराया करती थी.... अपने प्यार के उस आँचल में मुझे कही छुपाया करती थी.... जब रोज पापा के डर से सरारत कम हो जाया करती थी... किसी का डांटना चिल्लाना भी तब उतना नहीं अखरता था... आज की इस दुनिया मे सब उल्टा सा लगता है__ ना वो बचपन का प्यार अब कही भी दिखता है__ तब मतलब, स्वार्थ, पैसो की दुनिया भी नहीं होती थी__ जलन,  ईर्ष्या, द्वेष की ज्वाला भी ना होती थी __ आज तो हर पग-पग पर पैरों मैं जंजीरें हैँ__ ठुकराते हैँ सब यहां सब खूब ही मुझे रुलाते हैं__ झूठें किस्सों के किरदार भी मुझको कभी बनाते हैं___ माँ तब मे टूट जाता हु सबसे रूठ जाता हुँ __ तुझे याद करके माँ मैं अक्सर रो भी जाता हुँ __
बच्चों का नाम रखते वक्त् न करें ये बड़ी गलतियां .. बच्चों के नाम से जुड़ा होता है भविष्य

बच्चों का नाम रखते वक्त् न करें ये बड़ी गलतियां .. बच्चों के नाम से जुड़ा होता है भविष्य

ज़रा हटके, जीवन वृत्त, व्यक्ति चित्र
  दुनिया में सायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसका कोई नाम नहीं हो । लोग कहते है की व्यक्ति के जीवन में नाम उतना महत्वपूर्ण नहीं होता जितना की कर्म, क्यों की अच्छे कर्म से ही व्यक्ति खुद और अपने कुल का नाम रोशन करता है । व्यक्ति के जीवन में नामकरण संस्कार महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, व्यक्ति के कर्मो की वास्तविक पहचान उसका नाम ही दिलाता है। कुछ अक्षरों का समूह जिससे व्यक्ति को  जीवनभर उसकी एक पहचान बन जाता है। इस लिए हर एक माता पिता को अपने शिशु के नामकरण के दौरान कुछ बाते खासतौर पर ध्यान में रखनी चाहिए।   1. बुजुर्गों व स्वर्गीय परिजनों के नाम हमारे समाज में अक्सर लोग ऐसा नाम रखते है जो सुनने में अच्छा लगता है लेकिन कुछ ऐसे भी नाम मिले है जिसका अर्थ कुछ अजब  - गजब सा होता है या अर्थविहीन होता है। नाम रखते समय माता-पिता और परिवार को ध्यान रखना चाहिए की नाम
माइनस 20 ड‍िग्री में साधु बदरीनाथ में लगाते हैं  ध्यान, जहाँ अआप लोगो का हिम्मत भी नहीं करता खुले में घूमने की

माइनस 20 ड‍िग्री में साधु बदरीनाथ में लगाते हैं ध्यान, जहाँ अआप लोगो का हिम्मत भी नहीं करता खुले में घूमने की

हिंदुओं के आस्था का प्रतिका भगवान बद्रीनाथ धाम (Lord  Badrinath or Badrinarayan)  भले ही कपाट बंद हो चुके हैं लेकिन इस भगवन बदरीनाथ धाम में जहाँ माइनस 20 डिग्री पर पहुंच ठिठुरने वाली कड़क ठंडी में भी अनेक साधु - संत आज भी भगवान् की भक्ति में लीन हैं । इन्हे देख लगता है की इनके सामने कड़क ठंडी ने भी घुटने तक दिया है लगता है की इनके शरीर वज्रदेह बन चूका है । पूरा उच्च हिमालयी सर्दियों Himalayan Winter  में बदरीनाथ धाम सहित यह क्षेत्र 4 से 6 फीट बर्फ से ढक जाता है फिर भी साधक की साधना भंग करने की तगत इस कड़ाके की ठण्ड में भी नहीं है । साधु जो माया के बंधन को तोड़ भगवान् के द्वार तक पहुंचे हैं । ये अपने ही साधना में लीन रहते है न तो उन्हें ठंडे पानी Cold water से कोई फर्क पड़ रहा है और न ही बर्फबारी Snowfall से । इस जगह पर भगवान् बदरीनाथ धाम  Bhagwan Badrinath Dham में कपाट बंद होने क
जिंदगी के पड़ाव

जिंदगी के पड़ाव

कविता, मुख्य, हिन्दी साहित्य
  जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा | हमनें थकते देखा, थक कर रुक जाते और मुरझाते देखा, धरा के इस पञ्च तत्व में, विलय शून्य बन जाते देखा जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा || थक गए चलते-चलते, मंजिल का विश्राम नहीं, ऐसे मानों राह बड़ा, पथ का कोई ज्ञान नहीं | खोज रहे उस पावक पथ को, निज पाओं से चलते-चलते, जब थक कर चूर हुए अरमान, तब आसमान की ओर भी देखा, उजियारे भी चले गए, अब अंधकार के बादल बैठे, उन्नत मस्तक अरमानों का, अपमानों से सम्मानों तक, कभी मिलते देखा, कभी लड़ते देखा, कभी चलते देखा, कभी रुकते दखा, जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा || कभी पावों के निचे अंगारें, कभी प्रलय की घोर घटायें, कभी अपनों के कल कहार में, घोर घृणा और दीर्घ हार में , नफरत के इस अंगार में हमनें सुलगते देखा, हमनें धधकते देखा, नफरत के इस
अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहें हमारें बिच – 93 साल की उम्र में एम्स में ली अंतिम सांसें, PAK, US, चीन से आए शोक संदेश

अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहें हमारें बिच – 93 साल की उम्र में एम्स में ली अंतिम सांसें, PAK, US, चीन से आए शोक संदेश

देश
भारत रत्न, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांसें ली | 93 वर्ष के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का लम्बे समय से इलाज चल रहा था | वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था | श्री अटल बिहारी वाजपेयी 3 बार प्रधानमंत्री रहे, वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही चल पाई थी | 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे और 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया | 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए | उनके खुद के शब्दों में ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं’. 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, वे डिमेंशिया नाम की गंभ
INSIDE फोटो – करीना कपूर ने रखी सैफ के लिए स्पेशल बर्थडे पार्टी, करीना और करिश्मा साथ में दिखी

INSIDE फोटो – करीना कपूर ने रखी सैफ के लिए स्पेशल बर्थडे पार्टी, करीना और करिश्मा साथ में दिखी

बर्थडे स्पेशल, बॉलीवुड
करीना कपूर संग पूरा परिवार ने सैफ अली खान ने अपना 47वां बर्थडे फैमिली के साथ मुंबई में मनाया. इस बर्थडे  में  सैफ के जन्मदिन के मौके पर स्पेशल चॉकलेट केक बनवाया गया था |  कुछ फोटो   We Love Saifu ल‍िखवाया केक पर | वैसे आप को बता दे की सैफ अली खान के कई दोस्त उनको सैफू के नाम से भी बुलाते हैं| इस लिए करीना ने भी We Love Saifu के साथ केक बनवाया |   करीना-कर‍िश्मा कपूर संग सैफ अली खान PHOTO: इंसटाग्राम