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सामान्य ज्ञान ( GK )

Bhai Dooj, Puja Vidhi, Mantra in Hindi: जानिए पूजा की पारंपरिक विधि – विधि से करें भाई दूज के दिन तिल

Bhai Dooj, Puja Vidhi, Mantra in Hindi: जानिए पूजा की पारंपरिक विधि – विधि से करें भाई दूज के दिन तिल

ये पर्व भाई-बहनों को समर्पित है, इस पर्व को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है, इस पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं। यह परंपरा भारतीय परिवारों के एकता यहां के नैतिक मूल्यों पर टिकी होती है जो हमारे समाज के नैतिक मूल्यों और उसके पवित्रता को दर्शाती है। इस परंपरा के माध्यम से हमें भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है जो एक भारतीय की अटूट रिस्तों को एक धागे में पिरोता है। आप ने रक्षा बंधन के बारे में तो सुना ही होगा जिसमे बहन अपने भाई को राखी बांधती है और भाई के लिए लम्बे आयु की कामना करती है। रक्षा बंधन जो एक भाई और बहन के प्यार का अटूट रिस्ता परंपरा है लेकिन क्या आप ने कभी भाई दूज के बारे में जानने की कोसिस की है ? मै इस Article में भाई दूज की परंपरा और उसके पीछे के वे सभी बातों की चर्चा करने वाला हूँ। आप इस जा
ऑस्ट्रेलिया से कनाडा और इंडोनेशिया से यूनाइटेड किंगडम तक, इन 10 देशों में भी धूमधाम से मनाई जाती है दिवाली का प्रकाश महापर्व

ऑस्ट्रेलिया से कनाडा और इंडोनेशिया से यूनाइटेड किंगडम तक, इन 10 देशों में भी धूमधाम से मनाई जाती है दिवाली का प्रकाश महापर्व

दिवाली जो की एक प्रकाश का पर्व है, एक ऐसी प्रकाश की कल्पना की जाती है जिसमे दुनियां में लोगों के अंदर जो अंधकार फैला है उससे बाहर निकाल कर प्रकाश की ओर जाने की कामना की जाती है। इस दिवाली के माध्यम से दुनियाँ के हर इंसान के जीवन में खुशियां आए इस बात की कामना की जाती है।   क्या आप जानते हैं दीपावली का महापर्व सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. इसकी रोशनी की चमक सात समंदर पार कई देशों तक फैली हुई हैं. दिवाली का त्योहार भारत के अलावा कई देशों में धूमधाम से मनाया जाता है । दिवाली के बारे में मै आप को एक खास बात बताता हूँ, जो बहुत ही कम लोगों को पता होगा । आज के बदलते समय के अनुसार दिवाली का पर्व भारत के अलावा अब दुनियाँ भर के लगभग 200 से अधिक देशों में मनाया जाता है जिसमे से कुछ ऐसे देश है जहां इसे के विशेष रूप से मनाया जाता है। माननीय नरेंद्र मोदी जी ने इन 8 सालों मे
रोहतासगढ़ किला का इतिहास – Rohtas Garh Fort History – जाने रोचक तथ्य

रोहतासगढ़ किला का इतिहास – Rohtas Garh Fort History – जाने रोचक तथ्य

WIKI, पर्यटन, मुख्य, सामान्य ज्ञान ( GK )
रोहतासगढ़ किला भारत केपुराने किलों में से एक है यह किला बिहार के रोहतास जिला मे स्थित है, इस किला के बारे में काफी कम चर्चा होती है, यदि आप रोहतास के लोगों से ही पूछे तो काफी कम लोगों को पता है जब की इस किले का इतिहास काफी सुनहरा रहा है, इससे बहुत सारे इतिहास जुड़े है जो काफी बड़ा किला है. बिहार के रोहतास जिले के सोन नदी बहाव की ओर काफी ऊंचा पहाण पर स्थित है जो देहरी आनसोन से 43 किलोमीटर और सासाराम से करीब 55 किलोमीटर दूरी पर है समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1500 मीटर है, रोहतासगढ़ किला का निर्माण काल - Rohtas Garh Fort इस किले के निर्माण काल के बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है रोहतासगढ़ किला का निर्माण त्रेता युग में हुआ था जिसे सूर्यवंशी राजा त्रिशंकु के पौत्र व राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व ने कराया था. रोहिताश्व की जन्म भूमि अयोध्या है. Rohtas Garh Fort को धोखे से किया गया कब्जा यह
सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

रहन सहन, सामान्य ज्ञान ( GK )
अष्टम समुल्लास में महर्षि दयानन्द जी लिखते है की सृष्टि के आदि में युवावस्था के रूप में सृष्टि के आरम्भ में मनुष्य युवावस्था में उत्पत्ति हुए व यह अमैथुनी उत्पत्ति थी । यह सत्यार्थ प्रकाश में स्पष्ट लिखा है । किन्तु इससे अधिक विवरण वहाँ भी नहीं है व अन्य शास्त्रों में भी पढ़ने में नहीं आया । अनेक विद्वान प्रवचन - लेखादि द्वारा इस प्रक्रिया का संभावित स्वरुप अपनी  ऊहा से प्रकट करते रहे है । ऐसी संभावना जो सृष्टि के अन्य नियमों अधिकाधिक अनुकूल हो व काम से काम प्रतिकूल हो । ऐसी ऊहा - संभावना में संशोधन की संभावना मानते हुए कथन होता है । कोई निश्चित अंतिम तथ्य के रूप में नहीं । एकाएक सैकड़ो - सहस्त्रों मनुष्यों के आनें की संभावना आकाश से तो क्षीण प्रायः है । हाँ, धरती में से आने की संभावना  प्रबल है । जिस प्रकार मैथुनी सृष्टि में शिशु माँ के गर्भ में सुरक्षित - पोषित होता
Article 370 क्या है? आखिर क्या है इसका इतिहास

Article 370 क्या है? आखिर क्या है इसका इतिहास

देश, सामान्य ज्ञान ( GK )
धारा 370 क्या है ? एक ऐसा कलंक जिसे भारत देश  पर थोपा गया अपने ही राजनेताओं के द्वारा जिसे हमारे गृह मंत्री अमित साह ने Article 370 और Article 35A को पूरी तरह से हटाने का ऐलान किया , जिसके बाद देश की बड़ी पार्टिया जिनका वोट बैंक मुस्लिम समाज पर टिका था उन्होंने इसका विरोध किया जिससे पुरे देश में चर्चा हुयी । यह एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक घोषणा थी जिसे 5 August 2019 को लाया गया था । इसके बाद भी सवाल उठता है की ये अनुच्छेद 370  हटाना इतना जुरूरी/महत्वपूर्ण क्यों है, यदि आप भी इस बात को ले कर कंफ्यूज है तो पहले आप को अनुच्छेद ३७० के बारीकियों को समझना होगा। क्यों की इसके बारीकियों के जाने बिना आप इस बिषय को नहीं समझ सकते । इसके कुछ ऐसे बाते है जिसे आप को जानना चाहिए । जम्मू और कश्मीर राज्य को कुछ विशेष अधिकार प्रदान करता है  Article  370 ।  फिर सवाल उठता है