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रहन सहन

सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

रहन सहन, सामान्य ज्ञान ( GK )
अष्टम समुल्लास में महर्षि दयानन्द जी लिखते है की सृष्टि के आदि में युवावस्था के रूप में सृष्टि के आरम्भ में मनुष्य युवावस्था में उत्पत्ति हुए व यह अमैथुनी उत्पत्ति थी । यह सत्यार्थ प्रकाश में स्पष्ट लिखा है । किन्तु इससे अधिक विवरण वहाँ भी नहीं है व अन्य शास्त्रों में भी पढ़ने में नहीं आया । अनेक विद्वान प्रवचन - लेखादि द्वारा इस प्रक्रिया का संभावित स्वरुप अपनी  ऊहा से प्रकट करते रहे है । ऐसी संभावना जो सृष्टि के अन्य नियमों अधिकाधिक अनुकूल हो व काम से काम प्रतिकूल हो । ऐसी ऊहा - संभावना में संशोधन की संभावना मानते हुए कथन होता है । कोई निश्चित अंतिम तथ्य के रूप में नहीं । एकाएक सैकड़ो - सहस्त्रों मनुष्यों के आनें की संभावना आकाश से तो क्षीण प्रायः है । हाँ, धरती में से आने की संभावना  प्रबल है । जिस प्रकार मैथुनी सृष्टि में शिशु माँ के गर्भ में सुरक्षित - पोषित होता
मर्सिडीज बेंज वाला गरीब आदमी:अजय अमिताभ सुमन

मर्सिडीज बेंज वाला गरीब आदमी:अजय अमिताभ सुमन

Photo Credit: Pixabay राजेश दिल्ली में एक वकील के पास ड्राईवर की नौकरी करता था. रोज सुबह समय से साहब के पास पहुंचकर उनकी  मर्सिडीज बेंज की सफाई करता और साहब जहाँ कहते ,उनको ले जाता. पिछले पाँच दिनों से बीमार था. ठीक होने के बात ड्यूटी ज्वाइन की. फिर साहब से पगार लेने का वक्त आया. साहब ने बताया कि ओवर टाइम मिलाकर उसके 9122 रूपये बनते है . राजेश ने पूछा , साहब मेरे इससे तो ज्यादा पैसे बनते हैं. साहब ने कहा तुम पिछले महीने पाँच दिन बीमार थे. तुम्हारे बदले किसी और को ले जाना पड़ा. उसके पैसे तो तुम्हारे हीं पगार से काटने चाहिए. राजेश के ऊपर पुरे परिवार की जिम्मेवारी थी. मरते क्या ना करता.उसने चुप चाप स्वीकार कर लिया. साहब ने उसे 9100 रूपये दिए. पूछा तुम्हारे पास 78 रूपये खुल्ले है क्या? राजेश ने कहा खुल्ले नहीं थे. मजबूरन उसे 9100 रूपये लेकर लौटने पड़े. Photo Credit: Pixabay उसका
आत्म कथ्य-अजय अमिताभ सुमन (सर्वाधिकार सुरक्षित)

आत्म कथ्य-अजय अमिताभ सुमन (सर्वाधिकार सुरक्षित)

  ना पूछो मैं क्या कहता हूँ , क्या करता हूँ क्या सुनता हूँ .  दुनिया को देखा जैसे , चलते वैसे ही मैं चलता हूँ . चुप नहीं रहने का करता दावा, और नहीं कुछ कह पाता हूँ. बहुत बड़ी उलझन है यारो, सचमुच मैं अब शर्मिन्दा हूँ सच नहीं कहना मज़बूरी, झूठ नहीं मैं सुन पाता हूँ . मन ही मन में जंग छिडी है , बिना आग के मैं जलता हूँ . सूरज का उगना है मुश्किल , फिर भी खुशफहमियों से सजता हूँ . कभी तो होगी सुबह सुहानी , शाम हूँ यारो मैं ढलता हूँ .                                                                                               अजय अमिताभ सुमन                                                                                           सर्वाधिकार सुरक्षित
मां बच्चे पाले या नौकरी करे?

मां बच्चे पाले या नौकरी करे?

मुख्य, रहन सहन, लाइफस्टाइल (जीवन शैली)
पिछले दिनों ‘इन कन्वरसेशन विद द मिस्टिक’ श्रृंखला में फिल्म अभिनेत्री जूही चावला ने ‘प्रेम और जीवन’ विषय पर सद्‌गुरु से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान पुछा गया एक प्रश्‍न महिलाओं के सामने घर संभालने और अपना कैरियर बनाने को लेकर  दुविधा पर आधारित है,  सद्‌गुरु इसके उत्तर में बता रहे हैं कि घर संभालना कैरियर बनाने से कम महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं है… जूही चावलाः- आज के आधुनिक समाज में कई महिलाएं घर से निकल कर अपना कैरियर बना रही हैं। आप महिलाओं द्वारा अपने कैरियर बनाने, घर को संभालने से लेकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बारे में क्या सोचते हैं? सद्‌गुरु: एक इंसान के तौर पर हर महिला को वही करना चाहिए, जो वह करना चाहती है। इसे न तो समाज में ट्रेंड बना लेना चाहिए और न ही दुनिया में एकमात्र करने योग्य काम मान लेना चाहिए। मेरा मानना है कि अगर कोई महिला अप
बॉलिवुड को है बिंद‌ियों से प्यार, आकर्षक बिंदी में खूबसूरती

बॉलिवुड को है बिंद‌ियों से प्यार, आकर्षक बिंदी में खूबसूरती

अन्य, फैशन, रहन सहन, लाइफस्टाइल (जीवन शैली), सौंदर्य
The way he looks at her. @virat.kohli @anushkasharma A post shared by Filmfare (@filmfare) on Dec 11, 2017 at 2:43pm PST हाल ही में अनुष्का शर्मा दुल्हन बनीं और उन्होंने ब्रोज़ के बीचोंबीच छोटी-सी काले रंग की बिंदी उनकी अदा को सम्मोहक बना रही है | Sleek, sexy and so so stunning. #DeepikaPadukone A post shared by Filmfare (@filmfare) on Oct 31, 2017 at 3:03am PDT यदि आप को सहज सुंदर द‌िखने है दीपिका जैसी तो आप छोटी बिंदी लगाएं. इससे आप रेट्रो लुक भी पा सकती हैं | Jaw-dropping! #KatrinaKaif’s Indian game is right on point. A post shared by Filmfare (@filmfare) on Nov 24, 2017 at 1:09am PST यदि आप को ऐसा लुक चाहिए तो try करे गुलाबी रंग की बिंदी जो आपकी ख़ूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए काफ़ी है| Hey pretty lady! #AliaBhatt A post shared by Filmfare (@filmfare
लखनऊ : मोदी के बाद ट्रेंड में आया ‘योगी कट कुर्ता’, जानें क्या है मार्केट रेट

लखनऊ : मोदी के बाद ट्रेंड में आया ‘योगी कट कुर्ता’, जानें क्या है मार्केट रेट

देश, रहन सहन, लाइफस्टाइल (जीवन शैली)
लखनऊ : गेरुवा रंग का कुर्ता, गले में दुपट्टा, उत्तर प्रदेश की सियासत में तो आजकल यही फैशन आ रहा है। भाजपा के नेता इस कलर को पसंद कर ही रहे हैं इसके अलावा युवा भी इस ओर आकर्षित हुए हैं। - खाश कर गेरुवा रंग के कुर्ते आमतौर पर संत-महात्मा ही पहन रहे थे। पहले इसका उतनी डिमांड नहीं थी। - लेकिन अब प्रदेश में योगी के नेतृत्व में सरकार बनने के साथ ही गेरुआ रंग की मांग बढ़ गई है। - योगी हाफ बाजू कुर्ता 200 रुपए तक का है, जबकि फुल बाजू का कुर्ता 250 रुपए तक में मिल रहा है। - खादी और सूती कुर्ते ही तैयार किए जा रहे हैं। - लखनऊ के कई सिलाई केंद्रों से आगरा, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, मेरठ, फैजाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली तक बिक्री की जा रही है।