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Author: Mukesh Chakarwarti

‘संजू’ – क्यों थे संजू’ के किरदार के लिए Ranbir Kapoor पहली पसंद ?

‘संजू’ – क्यों थे संजू’ के किरदार के लिए Ranbir Kapoor पहली पसंद ?

बॉलीवुड, मुख्य
'संजू' एक बायोपिक जो संजय दत्त के जीवनी को ले कर फिल्माया गया | इस फिल्म में संजू का किरदार निभाने के लिए फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी के पहले पसंद रणबीर कपूर बने, कई लोग इस बात को ले कर बहुत हैरान रहे लेकिन ऐसा होने के पीछे बहुत से कारण थे जिसके चलते रणबीर कूपर पसंद बने | रणबीर कूपर और संजय दत्त पर्सनैलिटी और सकल में एक दुसरे से मिलता जुलता बिलकुल नहीं था लेकिन | आइए जानते हैं ऐसा क्या रहा | राजकुमार हिरानी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था की रणबीर कपूर पर्सनैलिटी ऐसी है वह उम्र के हिसाब से छोटे-बड़े किरदारों में फिट हो सकते है, चाहे वह किरदार 21 साल का हो या 50 साल का | दूसरी सबसे बड़ी बजह है की रणबीर कूपर एक शानदार कलाकार हैं. संभवत: फिल्म की शुरुआत संजय दत्त की रॉकी स्टाइल में एंट्री वाली  दृश्यों से होगी इस लिए निर्देशक राजकुमार हिरानी को ऐसे एक्टर की जरूरत थी जो सभी किरद
ऐसे हुई थी संजय दत्त की पहली पत्नी की मौत, कभी देखकर हो गए थे दीवाने | खुद पर बनी ” फिल्म संजू ” देखकर भावुक हो गए संजय दत्त

ऐसे हुई थी संजय दत्त की पहली पत्नी की मौत, कभी देखकर हो गए थे दीवाने | खुद पर बनी ” फिल्म संजू ” देखकर भावुक हो गए संजय दत्त

बॉलीवुड, मुख्य
संजय दत्त की बॉयोपिक संजू 29th June 2018 फिल्म रिलीज़ हुवा था | इस फिल्म में संजय दत्त के जीवन के पहलुओं और हर रंगों को दिखाया गया है | फिल्म में उनकी तीसरी पत्नी मान्यता दत्त का किरदार को दीया मिर्जा की है | फिल्म में सबसे बड़ी बात है की उनकी पहली पत्नी रिचा शर्मा का जिक्र नहीं है| आप को बता दे की संजय की पहली पत्नी रिचा शर्मा से उनकी मुलाकात फिल्म के दौरान हुई थी | संजय दत्त पहले रिचा शर्म को एक मैग्जीन में देखा था उस समय रिचा शर्मा  1987 में फिल्म 'आग ही आग' की शूटिंग कर रही थीं | उस फिल्म के दौरान ही संजय ने रिचा को प्रपोज किया लेकिन उस समय रिचा ने कोई जबाब नहीं दिया | लेकिन संजय दत्त यही नहीं रुके उन्होंने रिचा को बार बार फोने करते रहे जवाब सुनने के लिए | लेकिन रिचा ने आखिर में हां कर दिया फिर दोनों की सदी 1987 में हुई, एक साल बाद 1988 में उनकी बेटी त्रिशाला हुई | बेटी त
यदि आप का हिमाचल घूमने का प्लान बना रहें है तो इन 10 बेहद खूबसूरत जगहों पर जरूर जाएं

यदि आप का हिमाचल घूमने का प्लान बना रहें है तो इन 10 बेहद खूबसूरत जगहों पर जरूर जाएं

पर्यटन
हिमाचल एक बहुत ही खुबसूरत जगह  है जहाँ पर आप अपने छुट्टी के दिन में घूम सकते है | मई में गर्मी की छुट्टियां शुरू होती है जब की सबसे अधिक गर्मी  मई और जून में होती है इस चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए आप हिमाचल  की खुबसूरत वादियों की सैर कर सकते है क्यों की इस चिलचिलाती गर्मी  में हिमाचल से बेहतर और क्या हो सकता है | यदी आप इस  चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत पाना चाहते हैं तो आप अपने परिवार के साथ कुछ खुशनुमा पल बिता सकते है | बहुत लोग यहाँ पहले भी जा चुके होंगे लेकिन आप चाहें तो  हिमाचल  की लिक से हटके और भी जगह है जो कम भीड़भाड़ कम और ज्यादा  सुकून भरा जगह भी है जिसका आप भरपूर आनंद ले सकते है | शोजा -> अगर मै आप से ये कहूँ की आपने कभी बादलों और पहाड़ो को एक साथ देखा है बेहद करीब से, यदि आप के पास जबाब नहीं है तो आप तो आप शोजा जरूर जाएँ, इसके साथ
सावधान रहें  – आधार-मोबाइल लिंक करने के नाम पर फ्रॉड, बरतें ये सावधानियां – अलर्ट !

सावधान रहें – आधार-मोबाइल लिंक करने के नाम पर फ्रॉड, बरतें ये सावधानियां – अलर्ट !

मोबाइल
डिजिटल इंडिया और सिक्यूरिटी को ध्यान में रख कर आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करना जरुरी है | मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने की तारीख फिलहाल बढ़ा दी गई है, ताकि जो लोग अभी लिंक नहीं काया पाये है ओ लिंक करा सके | लेकिन मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक के नाम पर एक नया फ्रॉड शुरू हो गया है. अगर आप ने थोड़ी सावधानी नहीं बरती, तो आप इस फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं | कुछ टेलीकॉम कंपनी ग्राहकों को एक SMS  भेजा रही है और ग्राहकों को सावधान किया गया है कि उन्हें मोबाइल नंबर आधार से लिंक करने के नाम पर कॉल आ सकता है और सिम स्वैपिंग के लिए कहा जा सकता है | कंपनी के मुताबिक अगर आपको कोई ऐसा कॉल आए, तो आप किसी भी सूरत में OTP और नया सिम नंबर 121 पर न भेजें. एयरटेल ने कहा है कि इस पर कोई डिटेल तब ही भेजें, अगर नया सिम आपके हाथ में हो | टेलीकॉम कंपनी ने चेताया है कि ये कॉल फ्रॉड करने वालों की
मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? Mann ke faltu chakkar se kaise niklein? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? Mann ke faltu chakkar se kaise niklein? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म, जीवन वृत्त
रोज मर्रा की जीवन में बहुत से नए चीजें और परेशानियानो का सामना करना पड़ता है जो एक मानव विकाश के लिए भी जरुरी है इन सब चलते मन में फालतू बाते आती रहती है । कुछ बाते मन में इतनी फालतू होती है जो हमारे जीवन के लिए ठीक नहीं होती लेकिन हम इन सब बातो /चककरो से कैसे बहार निकले ? ये अपने आप में एक बड़ा सवाल होता है । सद्गुरु जी ने इन्हीं बातो के ले कर अपने इस वीडियो में बातें है की मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? आप इनके वीडियो को पूरा सुने ।
शांभवी महामुद्रा – आनंदमय होने की एक विधि | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

शांभवी महामुद्रा – आनंदमय होने की एक विधि | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
शांभवी महामुद्रा क्या है ? कैसे इस योगमुद्रा को करें? ऐसे तमाम सवाल आप के मन में हमेसा रहता होगा । शांभवी महामुद्रा एक आनंदमय होने की एक विधि जिससे आप अपने जीवन एक एक सच्ची अनुभूति को प्राप्त करेंगे । क्यों की शांभवी महामुद्रा गहरी आध्यात्मिक अनुभव दिलाता है । सद्गुरु जी ने अपने इस वीडियो में बताएं है की आखिर शांभवी महामुद्रा कैसे करें? और इसके क्या लाभ है ? निचे दिए हुए इस वीडियो को पूरा देखें ।
क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है? Kya pati-patni ka pichle janm ka rishta hota hai? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है? Kya pati-patni ka pichle janm ka rishta hota hai? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
हर किसी के जीवन में एक सवाल हमेसा रहता है ओ ये की पिछले जन्म में मैं क्या था? क्या मेरा कोई पहले भी जन्म हुवा था क्या ? और हुवा था तो मैं क्या था ? मेरे साथ जो लोग है ओ पिछले जन्म में क्या थे ? यदि उनकी पिछला जन्म हुवा था तो इस जन्म में ओ मेरे साथ क्यों है ? ऐसे तमाम सवाल हर किसी के जहन में रहता है । उसमे एक सवाल अपने पति-पत्नी के पिछले जन्मों का रिश्ता क्या था और इस जन्म में ओ पति-पत्नी क्यों है ? ऐसे तमाम बाते है | सद्गुरु जी ने इस वीडियो में कुछ बाते रखें है जिसे आप भी सुनें ।
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के अनजाने आयाम | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के अनजाने आयाम | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
महाकालेश्वर मंदिर एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही हर कोई वहां जाना चाहता है ? महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के कुछ अनजाने आयाम है जिसे हर कोई को जानना चाहिए । सद्गुरु जी ने अपने इस वीडियो में महाकालेश्वर मंदिर के कुछ अनजाने आयाम की चर्चा की है । आप इस वीडियो को पूरा सुने ?
शिव का मार्ग और बुद्ध का मार्ग । The way of Shiva and Buddha  | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

शिव का मार्ग और बुद्ध का मार्ग । The way of Shiva and Buddha | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
आज भी लोगो के जहन में एक सवाल है की आखिर आध्यत्म के मार्ग में सबसे कठिन मार्ग कौन सा है मतलब शिव का मार्ग और बुद्ध ये एक सबसे कौतुहल का विषय हमेसा से बना रहा है । सद्गुरु ने बतायें की आखिर इन दोनों मार्ग भगवान् शिव और भगवान् बुद्ध के मार्ग में क्या अंतर है और हम कैसे इस मार्ग पर चलें । ये बात सच है की पिता और परिवार ने जिस मार्ग को अपनाया उसी मार्ग को पुत्र ने भी अपनाया । आप इस वीडियो को जरूर देखें सायद आप कुछ अच्छी तरह से समझ पाएं की भगवान् शिव और भगवान् बुद्ध के मार्ग में क्या अंतर है और कैसे मार्ग पर चलें ।
स्वामी विवेकानंद ने किताब कुछ ऐसे पढ़ी। This is how Swami Vivekananda read the book | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

स्वामी विवेकानंद ने किताब कुछ ऐसे पढ़ी। This is how Swami Vivekananda read the book | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म, व्यक्ति चित्र
स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) , नाम सुनते ही एक आध्यात्म की ऊर्जा दौड़ने लगती है। वैसे भी स्वामी जी वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। अध्य्तम के तरफ युवाओं का झुकाव हमेसा के कम रहा है लेकिन स्वामी विवेकानंद जी ने अपने युवा काल से ही आध्यात्म बहुत अच्छी ज्ञान थी । साथ ही साथ वे अंधविस्वाश के घोर विरोधी भी थे । एक आध्यात्म गुरु होते हुए भी वे युवाओं का रोल मॉडल है जिसके चलते उनके जन्मदिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनकी एक और बात जी बहुत ही दिलस्चब है जब वे अमेरिका स्थित शिकागो में अपने भाषण की सुरुवात "मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनो" किया था जिसके बाद पुरे अमेरिका के लोग चौक गए और तालियों की दड़गड़ाहट से पूरा हाल भर गया जिसके बाद वे सबका दिल जीत लिया था। उस समय अमेरिका में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सना