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जीवन वृत्त

Akshara Singh का नया छठ गाना हुआ वायरल – ‘बड़ा भाग पवले बाड़े’

Akshara Singh का नया छठ गाना हुआ वायरल – ‘बड़ा भाग पवले बाड़े’

भोजपुरी सुपरस्टार अक्षरा सिंह का नया गाना "बड़ा भाग पवले बाड़े" हुआ वायरल, इस गाने के रिलीज के 1 दिन बाद से ही इंटरनेट पर खूब सुर्खिया बटोर रहा है, इस गाने को फैंस खूब पसंद कर रहे है। आप को बात दें की ये गाना 7 नवंबर को रिलीज हुआ इसके बाद मात्र 1 दिन में वायरल हो गया, इस गाने को लोक आस्था के महापर्व छठ को ले कर गाया गया है, गाने में अक्षरा सिंह इतने भावुक हो कर फिल्माया है जिसे लोग खूब पसंद कर रहे है। var aax_size='300x250'; var aax_pubname = '98998190810c-21'; var aax_src='302'; महापर्व छठ की झलक देख एमोशनल हुए फैंस इस गाने में भोजपुरी सुपरस्टार अक्षरा सिंह ने एक सूप बनाने वाली “डोम” जाती की किरदार में नजर आई हैं, गाने में छठ में उपयोग कीये जाने वाले सूप बेचते हुए एक घर जाती हैं लेकिन वहाँ उन्हें “डोम” जाती के चलते एक औरत उसे बुरी तरह से दुत्कार
दिवाली के दिन माँ  देवी लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है ?

दिवाली के दिन माँ देवी लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है ?

मुझे पता है काफी लोगों के ये सोचते है की जब प्रभु श्रीराम जी के अयोध्या आने के खुशी में दिवाली मनाई जाती है तो फिर देवी लक्ष्मी जी की पूजा क्यों की जाती है ? इसके पीछे भी एक पौराणिक मान्यता है। चलिए हम इसे भी जानते है। दूसरी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भागवत की मना जाए तो उसमे लिखा है की समुन्द्र मंथन के दौरान कार्तिक महीने की अमावस्या पर देवी लक्ष्मी प्रगत हुई थी और इसी मान्यता से सम्बंधित वाल्मीकि रामायण मे लिखा गया है की इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का जा के ही दिन विवाह हुआ था, इसलिए इस दिन सबके घरों में लक्ष्मी और विष्णु की पूजा की जाती है । माँ लक्ष्मी धन की देवी है और धन से सुख - समृद्धि आती है इस लिए मत लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि की कृपा से लोगों के जीवन मे खुशहाली क्योंकी माँ लक्ष्मी हमेसा अपने भक्तों पर कृपया परसती रहती है ।
असंभव कुछ नहीं

असंभव कुछ नहीं

कहानी, जीवन वृत्त, मुख्य, व्यक्ति चित्र
हमारा जीवन बहुत कठिन है या में कुछ नहीं कर सकता ये शब्द आपने अकसर अपने आस पास के लोगो से सुना होगा और जब हमारे जीवन में एकसाथ बहुत सी मुश्किल हो तब, हम मुश्किलों का सामना करने की वजह उससे कही दूर भागने की सोचते हैं पर वास्तव में क्या ऐसा हो पाता है नहीं बल्कि हम उसकी चिंता में अपना आत्मविश्वास भी खो बैठते है और बिना कुछ किये ही हार मान लेते हैं जबकि वास्तव में हमने उसके लिए कोई प्रयास ही किया ही नहीं होता | आपको एक कहानी सुनाता हु ये कहानी है एक ऐसी लड़की की जो उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर की निवासी है और अपने दिल में अपने सपनो को जिन्दा रखकर उन्हें पूरा करने की कोशिश कर रही थी दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब यह लखनऊ से दिल्ली ट्रैन से आ रही थी तब ट्रैन में मौका पाकर बरेली के पास बदमाशों ने इनसे लूटपाट करने की कोशिश की तब इन्होने उसका विरोध किया तो उन बदमाशों ने इन्हे ट्रैन से बाहर
बच्चों का नाम रखते वक्त् न करें ये बड़ी गलतियां .. बच्चों के नाम से जुड़ा होता है भविष्य

बच्चों का नाम रखते वक्त् न करें ये बड़ी गलतियां .. बच्चों के नाम से जुड़ा होता है भविष्य

ज़रा हटके, जीवन वृत्त, व्यक्ति चित्र
  दुनिया में सायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसका कोई नाम नहीं हो । लोग कहते है की व्यक्ति के जीवन में नाम उतना महत्वपूर्ण नहीं होता जितना की कर्म, क्यों की अच्छे कर्म से ही व्यक्ति खुद और अपने कुल का नाम रोशन करता है । व्यक्ति के जीवन में नामकरण संस्कार महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, व्यक्ति के कर्मो की वास्तविक पहचान उसका नाम ही दिलाता है। कुछ अक्षरों का समूह जिससे व्यक्ति को  जीवनभर उसकी एक पहचान बन जाता है। इस लिए हर एक माता पिता को अपने शिशु के नामकरण के दौरान कुछ बाते खासतौर पर ध्यान में रखनी चाहिए।   1. बुजुर्गों व स्वर्गीय परिजनों के नाम हमारे समाज में अक्सर लोग ऐसा नाम रखते है जो सुनने में अच्छा लगता है लेकिन कुछ ऐसे भी नाम मिले है जिसका अर्थ कुछ अजब  - गजब सा होता है या अर्थविहीन होता है। नाम रखते समय माता-पिता और परिवार को ध्यान रखना चाहिए की नाम
मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? Mann ke faltu chakkar se kaise niklein? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? Mann ke faltu chakkar se kaise niklein? | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म, जीवन वृत्त
रोज मर्रा की जीवन में बहुत से नए चीजें और परेशानियानो का सामना करना पड़ता है जो एक मानव विकाश के लिए भी जरुरी है इन सब चलते मन में फालतू बाते आती रहती है । कुछ बाते मन में इतनी फालतू होती है जो हमारे जीवन के लिए ठीक नहीं होती लेकिन हम इन सब बातो /चककरो से कैसे बहार निकले ? ये अपने आप में एक बड़ा सवाल होता है । सद्गुरु जी ने इन्हीं बातो के ले कर अपने इस वीडियो में बातें है की मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? आप इनके वीडियो को पूरा सुने ।
खुश कैसे रहें? How to live happily? | Sadhguru Hindi  | Hindi Patrika

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जीवन वृत्त, ध्यान
खुशी, एक ऐसा पहलू जिसकी इच्छा पूरा मानवता को रहती है , जीवन को एक खुशहाल और सांती पूर्ण बनाना है तो खुशी होनी जरूरी है . खुशी के सारे पहलुओं जानने के लिए , इस विडिओ को पूरा देखने ,