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These 5 Ayurvedic herbs can boost stamina, all day Energetic

मुख्य, स्वास्थ्य
आयुर्वेद चिकित्सा की एक पारंपरिक प्रणाली है जिसकी उत्पत्ति 3,000 साल पहले भारत में हुई थी। यह इस विचार पर आधारित है कि स्वास्थ्य और कल्याण मन, शरीर और आत्मा के बीच एक नाजुक संतुलन पर निर्भर करता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा इस संतुलन को बनाए रखने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए हर्बल उपचार सहित विभिन्न तकनीकों का उपयोग करती है। आयुर्वेद जिस एक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करता है वह सहनशक्ति और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना है। माना जाता है कि कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में ऊर्जा देने वाले गुण होते हैं और इसका उपयोग सहनशक्ति को बढ़ाने और पूरे दिन समग्र ऊर्जा के स्तर में सुधार करने के लिए किया जा सकता है। इस उद्देश्य के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कुछ जड़ी-बूटियों में अश्वगंधा, गुडूची, शंखपुष्पी, विडंग और शतावरी शामिल हैं। माना जाता है कि इन जड़ी-बूटियों के कई लाभ हैं, प

डायबिटीज के मुख्य कारण क्या होते है? लक्षण, कारण, उपचार और रोकथाम

मुख्य, स्वास्थ्य
Diabetes(मधुमेह) एक पुरानी स्थिति है जो उच्च रक्त शर्करा के स्तर की विशेषता है। यह दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है और अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। मधुमेह कई प्रकार के होते हैं, जिनमें टाइप 1, टाइप 2 और गर्भकालीन मधुमेह शामिल हैं। टाइप 2 मधुमेह, जो सबसे आम रूप है, अक्सर अनुवांशिक और जीवनशैली कारकों के संयोजन के कारण होता है, जैसे मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी। कई पारंपरिक पौधे-आधारित उपचार हैं जिनका उपयोग मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए किया गया है। इन उपचारों का उपयोग विभिन्न संस्कृतियों में सदियों से किया जाता रहा है और इनमें मधुमेह-विरोधी गुण पाए गए हैं। मधुमेह के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ पौधों में शामिल हैं: Neem (नीम): नीम एक बड़ा पेड़ है जो भारत का मूल निवासी है और सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में इसका उ

क्या आप भी हो गए हैं Cyber Fraud के शिकार? ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराए नहीं, बस डायल करें ये 4 अंक, वापस मिल जाएंगे सारे पैसे!

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आज के समय में Cyber Crime की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही है , प्रतिदिन लोग किसी न किसी घटना का शिकार बनते जा रहे हैं। इन्हीं घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एक Helpline Number - 1930 जारी किया जिसपर कॉल करके आप अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।  क्यों है इस नंबर की जानकारी होना जरुरी ? पूरी जानकारी न होने के कारण पहले लोग अपनी शिकायत दर्ज नहीं करवा पाते थे ,जिससे इस घटना होने की संभावना और बढ़ जाती थी और Cyber Fraud  की घटनाओं को और प्रोत्साहन मिलता था।  इन घटनाओं से मध्यम वर्गिये लोगो पर सबसे ज्यादा असर  पड़ता हैं , इन फ्रॉड के कारण कभी- कभी इन्हें अपनी जीवन भर की पूंजी से हाथ धोना पड़ता है।  इस हेल्पलाइन नंबर को सभी तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कई तरह के प्रचार भी किए जिससे यह जानकारी अच्छी तरह सभी तक पहुँच सके।   Helpline number का प्रयोग करके

दिल की बीमारियों से बचने के लिए जानें, क्‍या खाएं और क्‍या नहीं?

मुख्य, स्वास्थ्य
हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है और यह अक्सर उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मोटापे जैसे कारकों के संयोजन के कारण होता है। एक स्वस्थ आहार खाने से इन जोखिम कारकों को नियंत्रित करके हृदय रोग के विकास के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। दिल के स्वास्थ्य के लिए फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और दुबले प्रोटीन से भरपूर आहार की सिफारिश की जाती है। फल और सब्जियां विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो हृदय और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साबुत अनाज जटिल कार्बोहाइड्रेट का स्रोत प्रदान करते हैं और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त शर्करा नियंत्रण में सुधार करने में मदद करता है। मछली, चिकन, टर्की और बीन्स जैसे लीन प्रोटीन स्रोत अतिरिक्त संतृप्त और ट्रांस वसा के बिना आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो हृदय रो

हफ्ते मे दो बार इस फूड को खाने से कम होगा हार्ट अटैक का खतरा

मुख्य, स्वास्थ्य
कुछ खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाने से दिल के दौरे का खतरा कम होता है। ऐसा ही एक भोजन मछली है, विशेष रूप से वसायुक्त मछली जैसे सामन, मैकेरल और सार्डिन। इस प्रकार की मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड अधिक होता है, जो शरीर में सूजन को कम करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए दिखाया गया है। अध्ययनों से पता चला है कि सप्ताह में दो बार मछली खाने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा 30% तक कम हो सकता है। मछली के अलावा, अन्य खाद्य पदार्थ जो दिल के दौरे के कम जोखिम से जुड़े हैं, उनमें फल और सब्जियां, साबुत अनाज, नट और बीज शामिल हैं। ये खाद्य पदार्थ फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं, और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके और सूजन को कम करके हृदय स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। फलों और सब्जियों से भरपूर आहार का सेवन दिल के दौरे के जोखिम को कम करने में विशेष रूप से प्रभावी पाया गया है। हृदय-स
तुलसीदास की रामचरित मानस में ढोल, गंवार, शूद्र, पशु और नारी का क्या है सही अर्थ ?

तुलसीदास की रामचरित मानस में ढोल, गंवार, शूद्र, पशु और नारी का क्या है सही अर्थ ?

प्रभु ( भगवान ) भल कीन्ह मोहि (मुझे) सिख (शिक्षा)दीन्हीं (दी)। मरजादा (मर्यादा) पुनि तुम्हरी कीन्हीं (आपकी ही बनाई हुई है) ॥ ढोल गंवार सूद्र पसु नारी। सकल (चेहरा ) ताड़ना (ध्यान देने ) के अधिकारी॥ तुलसी दास जी ने इसे अवधी भाषा में लिखा था इस दोहा का हिन्दी बर्जन आ चुका है जो इस प्रकार है प्रभु ( भगवान ) भल कीन्ह मोहि(मुझे) सिख (शिक्षा)दीन्हीं (दी)। मरजादा (मर्यादा) पुनि तुम्हरी कीन्हीं (आपकी ही बनाई हुई है) ॥ ढोल गंवार सूद्र पसु नारी। चेहरा ध्यान देने के अधिकारी॥ अर्थात ढोल = प्रभु ने अच्छा किया जो मुझे सिख (शिक्षा) दी , किंतु मर्यादा (जीवों का स्वभाव) भी आपकी ही बनाई हुई है। जैसे ढोल एक निर्जीव है उसका ख्याल नहीं रखेंगे तो खराब हो सकता है ढोल का सकल (चेहरा ) ताड़ना (ध्यान देने ) चाहिए मतलब ख्याल रखना चाहिए वरना खराब हो सकते है ढोल के लिए सिख (शिक्षा) जरूरत हो

भारत में कैंसर की सुनामी की चेतावनी | भारत में दुनिया के 20% कैंसर मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी

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कैंसर भारत में मौत का एक प्रमुख कारण है, आने वाले वर्षों में इस बीमारी की दर बढ़ने की उम्मीद है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में कैंसर के मामलों की संख्या 2020 तक 1.5 मिलियन से अधिक और 2025 तक 2 मिलियन से अधिक होने का अनुमान है। अध्ययन में यह भी अनुमान लगाया गया है कि कैंसर 2020 तक भारत में सालाना 800,000 से अधिक मौतों का कारण। ऐसी कई आदतें हैं जो भारत में कैंसर के बढ़ते जोखिम में योगदान कर सकती हैं, जिनमें शामिल हैं: -तंबाकू का उपयोग: धूम्रपान और चबाने वाला तंबाकू भारत में कैंसर के लिए प्रमुख जोखिम कारक हैं, विशेष रूप से फेफड़े, मौखिक और गले के कैंसर के लिए। खराब आहार: प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, चीनी और संतृप्त वसा में उच्च आहार कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है, साथ ही मोटापे में योगदान कर सकता है, जो कैंसर के लिए भी एक जोखिम कारक है। -शारीर
क्या आप  दुनिया का सबसे खतरनाक पौधा के बारे में जाते है ? जिसे एक बार छूने के बाद इंसान मरने की ख्वाहिश करने लगता है |

क्या आप दुनिया का सबसे खतरनाक पौधा के बारे में जाते है ? जिसे एक बार छूने के बाद इंसान मरने की ख्वाहिश करने लगता है |

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पेड़ पौधे हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते है , जिनमे से कुछ हमारे खाने के काम आते हैं और कुछ को हम औषधि की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्ही पौधों की तरह दिखने वाला  एक पौधा इंसान की जान भी ले सकता है , जी हाँ सही सुना आपने आज हम ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको सिर्फ छूने मात्र से इंसान की जान तक जा सकती है। सायद आप में से कुछ लोगों ने कल्पना तक नहीं किया होगा की प्रकृति के खूबसूरती में एक इस तरह के पौधे भी होते है ।  दरअसल, हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले पौधे जिम्पाई-जिम्पाई (Gympie Gympie) पौधे के बारे में जिसको सुसाइड प्लांट (Suicide-plant) भी कहा जाता है क्यूंकि इसको सिर्फ छूने से इंसान के शरीर में दर्द उठने लगता और कई इंसानो को अपनी जान से हाथ तक धोना पड़ता है। साल 1866 में Australia के जंगल में अचानक से कई जानवरों खासकर घ
100 किलो का अजगर जीसे दिखने से हड़कंप , JCB से किया रेस्क्यू, वीडियो हुआ वायरल

100 किलो का अजगर जीसे दिखने से हड़कंप , JCB से किया रेस्क्यू, वीडियो हुआ वायरल

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अजगर तो सभी ने देखा होगा, भले ही ज्यादा तर लोगों ने इंटरनेट पर देखा होगा, एक ऐसा विशाल के जीव जो बड़े से बड़े जानवर को जींद निगल जाता है । एक ऐसे ही अजगर  का विडिओ जो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। आप ने अक्सर एनाकोंडा के बारे मे सुन होगा जो दुनियाँ के सबसे बड़े और लम्बे जीव में से एक है, आप ने कई बार फिल्मों में देखा होगा, लेकिन ये विशाल काय जानवर काही और नहीं बल्कि ये घटना झारखंड के धनबाद में FCI कैंपस  की है, जहां वन विभाग के कर्मचारियों ने 100 Kg का अजगर को JCB से रेस्क्यू  कर उठाया, इस जानवर को बिना जेसीबी के रेस्क्यू नहीं किया जा सकता था, इस लिए आनन- फानन में JCB का सहारा लेना पड़ा । जब तक अजगर जमीन पर था लोगों ने ज्यादा सीरीअस हुए लेकिन जैसे ही JCB ने ऊपर उठाया लोग देख कर दंग रह गए। कई लोग तो भयभीत हो कर भाग गए लेकिन कुछ लोगों ने हिम्मत कर के विडिओ बनाया और
अब यूजर के लिए WhatsApp में आया Instagram और Facebook Messenger का ये फीचर, जानने के लिए पूरा पढ़ें ।

अब यूजर के लिए WhatsApp में आया Instagram और Facebook Messenger का ये फीचर, जानने के लिए पूरा पढ़ें ।

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Emoji Reaction के बारे ने सायद आप जानते होंगे जो Instagram और Facebook Messenger में पहले से मौजूद है। इस फीचर को व्हाट्स ने पिछले महीने Emoji Reaction को लाया था, ये फीचर अब यूजर के लिए जारी कर दिया गया है जीसे आप WhatsApp के Android या iOS वर्जन दोनों में उपयोग कर सकते है। पहले इस फीचर को कुछ यूजर को दिया गया था लेकिन अब ये काफी यूजर्स के लिए उपलब्ध है हो चुका है, आप चाहें तो अपना WhatsApp चेक कर सकते है, एक खास बात और है की इस फीचर को आप पर्सनल या ग्रुप चैट में यूज कर सकते है। क्या ये फीचर केवल मोबाईल यूजर के लिए है ? मुझे पता है ये सवाल काफी यूजर के मन में पहले से चल रहा होगा, लेकिन मै आप को इस article में पूरी जनरी दूंगा। पहली बात ये की इस फीचर पर WhatsApp काफी समय से काम कर रहा था Android और iOS के साथ ही वेब वर्जन पर भी Emoji Reaction काम कर रहा था जो अब फिनली सबके