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Author: Mukesh Chakarwarti

कोरोना: 8 लक्षण यदि आप के शरीर में दिख तो समझ लें की आपको की डॉक्टर्स मदद की जरूरत है, घबराएं नहीं

कोरोना: 8 लक्षण यदि आप के शरीर में दिख तो समझ लें की आपको की डॉक्टर्स मदद की जरूरत है, घबराएं नहीं

कोरोना, मुख्य
कोरोना, एक ऐसा नाम जिससे पूरी दुनिया अच्छी तरह से परिचित है, कोरोना वायरस जिसके चपेट में पूरी दुनिया आगे बढ़ती जा रही है, जिसका अभी तक कोई ठोस इलाज नहीं बन पाया है, वैज्ञानिकों का कहना है यदि इस बीमारी से बचना है तो पूरे मानव जाती को Staying at home को फॉलो करना पड़ेगा, इस बीमारी के लक्षण आम सर्दी-जुकाम के तरह है जिसे पहचान पाना काफी मुस्किल होता है, बिना लैब टेस्ट के इसके लक्षण जान पान मुस्किल है, कई लोगों में तो इस बीमारी के लक्षण काफी देर से नजर आता है, आइए हम जानते है की शरीर में इस बीमारी के कौन- कौन से प्रमुख लक्षण है, यदि आप को ये लक्षण दिखे तो डॉक्टर्स की मदद जरूर लें, क्योंकी आप जितना जल्दी इस रोग को समझ पाएंगे आप उतना ही सेफ है | 1. सूखी खांसी: - WHO और दुनिया की सभी शोधकर्ताओं द्वारा जारी एक रिपोर्ट में साफ-साफ बताया गया है कि यदि आप को सूखी खांसी आनी शुरू हो होती है और अगर
कोरोना को ले कर ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का दावा – सितंबर तक आ जाएगी कोरोना की वैक्सीन

कोरोना को ले कर ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का दावा – सितंबर तक आ जाएगी कोरोना की वैक्सीन

कोरोना, मुख्य
दुनिया में कोरोना वायरस( Coronavirus – Covid -19) के वैक्सीन बनाने के बहुत सारे दावा आप ने सुना होगा एक ऐसे ही दावा ब्रिटेन के Oxford  University के प्रोफेसर सारा गिलबर्ट ने किया है ये Oxford  University के  वैक्सीनोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर है जिन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है, इन्होंने सितंबर तक वैक्सीन आने की दावा किया है| कोरोना वायरस एक ऐसा नाम जिससे आज दुनिया का हर व्यक्ति परिचित है जो एक महामारी बन चुकी है, इस बीमारी ने दुनिया के लगभग 22 लाख से भी ज्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है, जबकी 1.5 लाख लोग से अधिक लोगों को मौत की नींद सुला चुका है, इस बीमारी ने सबको हैरत में डाल रखा है | कोरोना वायरस के इलाज खोजने के लिए पूरी दुनिया में शोध हो रही है | इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित देश, अमेरीका (United States), Spain, Italy, Germany, France, U
ब्लॉग कैसे शुरू करें स्क्रैच से [ स्टेप By  स्टेप गाइड ] | How to Start Blog from Scratch in Hindi | How to Start a Blog in Hindi

ब्लॉग कैसे शुरू करें स्क्रैच से [ स्टेप By स्टेप गाइड ] | How to Start Blog from Scratch in Hindi | How to Start a Blog in Hindi

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How to Start a Blog - Easy Step by step Guide to Create a Blog in Hindi यदि आप ब्लॉगिन करने के बारे मे सोच रहे है और आप ये जानना चाहते है की ब्लॉग कैसे शुरू करें? How to Start a Blog in Hindi ? पहली बात है की यदि आप ये सोच रहें है तो ये सच मे एक अच्छा decision है। आप को बता दें की मैंने अपने जीवन मे ब्लॉग शुरू करने का जो निर्णय लिया जिससे मुझे काफी खुशी होती है। मेरे जीवन के अब तक का सबसे अच्छा निर्णय रहा है । यदि आप भी ऐसा कुछ सोच रहे है तो मैं आप के साथ हूँ, मुझे पता है की ब्लॉग सुरू करते समय, आप को क्या-क्या प्रॉब्लेम्स हो रही होंगी । क्यों की जब मैंने भी शुरू किया था तो बहुत सारे परेसनियों का सामना करना पड़ा  था। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ब्लॉग के माध्यम से क्या आप एक अच्छा income करना चाहते है ? अब सवाल उठता है की
बार-बार होती है पैरों व हाथ में जलन तो ट्राई करें ये 8 घरेलू नुस्खे, जल्द दूर हो जाएगा दर्द और मिलेगी राहत

बार-बार होती है पैरों व हाथ में जलन तो ट्राई करें ये 8 घरेलू नुस्खे, जल्द दूर हो जाएगा दर्द और मिलेगी राहत

घरेलू नुस्खे, मुख्य
पैरों में जलन एक आम समस्या बनती जा रही है, आज कल के भाग दौड़ की जीवन मे उचित खान पान नहीं मिल पता है जिससे तमाम सारे परेसनियों का सामाना करना पड़ता है | जिसमे कुछ व्यक्ति की शिकायत होती है की उसके पैरों और हाथ मे जलन और झनझनाहट होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता | यही आप के साथ ऐसी स्थिति आती है तो आप अपने डॉक्टर से बात करें | इस तरह के समस्या के कारणों को अपने डॉक्टर से समझना चाहिए। यदि आप ऐसे समस्याओं को नजरअंदाज करते है तो हो सकता है की आगे चलकर आप को और गंभीर रूप ले सकता है जिससे तमाम सारी परेसनियाँ हो सकती हैं | क्यों की इस तरह के प्रॉब्लेम से आप को डायबिटीज (Diabetes), हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism), ब्लड प्रेशर (blood pressure), पोषण की कमी और किडनी रोग जैसी तमाम स्वास्थ्य समस्याएं आपके पैरों में जलन का कारण हो सकती हैं। इसके अलावा कभी-कभी आपके पैर सुन्न भी हो सकते हैं।
2020 में दुनिया का अंत! क्या सच होगी भविष्यवाणी? सच जानने के लिए पूरा पढ़ें

2020 में दुनिया का अंत! क्या सच होगी भविष्यवाणी? सच जानने के लिए पूरा पढ़ें

अंतरिक्ष, मुख्य
क्या हुआ आप चौक गाए, जी यह एक भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी है जिनका नाम “जॉन ऑफ पोटेमस” जिन्होंने 'बुक ऑफ रिविलेशन' के 5 से 8 अध्याय में धरती पर होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी की थी. जिसमे उन्होंने सातवीं सील में दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की गई है| यही नहीं उनके गुरु ‘ग्रेग सेरेडा’ भी “जॉन ऑफ पोटेमस” के बुक 'बुक ऑफ रिविलेशन' से इत्तेफाक रखते हैं और वे इस बात को मानते हुए कहाँ की निश्चित ही सातवीं सील खुलने पर दुनिया का सर्वनाश होगा | इस बात को कई YouTuber और blogger ने भी ये दावा किया है की 'बुक ऑफ रिविलेशन के अनुसार 2020 मे . सातवीं सील खुलेगी और उसके बाद मानव जाती का इस धरती से अंत हो जाएगा | साथ ही वे छठी सील की भी बात किए है जिसमे बहुत से बात उन्होंने शेयर किया है लेकिन सबसे चौकने वाली बात ये है की 2020 मे जो कुछ दावा किया गया है और जिस तरह के तथ्य बताएं गये है ओ अपने आप
सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

सृष्टि के आरंभ में मनुष्य उत्पत्ति।

रहन सहन, सामान्य ज्ञान ( GK )
अष्टम समुल्लास में महर्षि दयानन्द जी लिखते है की सृष्टि के आदि में युवावस्था के रूप में सृष्टि के आरम्भ में मनुष्य युवावस्था में उत्पत्ति हुए व यह अमैथुनी उत्पत्ति थी । यह सत्यार्थ प्रकाश में स्पष्ट लिखा है । किन्तु इससे अधिक विवरण वहाँ भी नहीं है व अन्य शास्त्रों में भी पढ़ने में नहीं आया । अनेक विद्वान प्रवचन - लेखादि द्वारा इस प्रक्रिया का संभावित स्वरुप अपनी  ऊहा से प्रकट करते रहे है । ऐसी संभावना जो सृष्टि के अन्य नियमों अधिकाधिक अनुकूल हो व काम से काम प्रतिकूल हो । ऐसी ऊहा - संभावना में संशोधन की संभावना मानते हुए कथन होता है । कोई निश्चित अंतिम तथ्य के रूप में नहीं । एकाएक सैकड़ो - सहस्त्रों मनुष्यों के आनें की संभावना आकाश से तो क्षीण प्रायः है । हाँ, धरती में से आने की संभावना  प्रबल है । जिस प्रकार मैथुनी सृष्टि में शिशु माँ के गर्भ में सुरक्षित - पोषित होता
रात्री मे कितने बजे तक सो जाना चाहिये

रात्री मे कितने बजे तक सो जाना चाहिये

स्वास्थ्य
यह एक ऐसा सवाल है जो हर कोई जानने मे रुचि रखता है, तो आइए हम जानते है | भारत हमेस से एक खोज की भूमि रही है जो सदियों से मानव चेनता के विकास के साथ साथ शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलुयों पर भी गहरी खोज और उसे सुचारु रूप से व्यस्थित कार्यान्वित करने की कोसिस होती रही है | यदि बात करें निंद्रा की तो यह हमारे मांसिक और शरारिक दोनों पर गहरा असर डालती है | हमारे ऋषि-मुनियों ने भी निंद्रा को ले कर बहुत कुछ बताए हैं | रात्री मे सोने का समय :- यदि आप रात मे किसी कारण वस 10.00 तक नहीं सो पाएं , तो आप कोसिस करें की 10.30 तक सो जाएं अथवा कोसिस करें की आप अधिकतम 11.00 बजे तक तो सो ही जाएं अन्यथा ये आप के मांसिक और शरारिक दोनों पर गहरा असर डालती है | बहुत से लोग इस बात को अफवाह मानते है, और लोग इस बारे मे अपने अपने मत देते रहते है | जैसे चाउमीन, गुटखा, खैनी, सराब और ऐसे तमाम ची
मृत्यु के पश्चात पुनर्जन्म  कब?

मृत्यु के पश्चात पुनर्जन्म कब?

अध्यात्म, रहस्य
जिज्ञासा :- आदर सहित निवेदन है की वैदिक मान्यता के अनुसार मृत्यु के उपरान्त तुरंत पूर्वजन्म हो जाता है | संभवतः बृहदारण्यक उपनिषद मे किसी कीड़े के माध्यम से कहा गया है की वह अपने अगले पैर अगले तिनके पर जमा कर फिर तुरंत पिछले को छोड़ देता है, उसी प्रकार आत्मा भी अगले शरीर मे तुरन प्रवेश (कर्मानुसार) कर लेती है | https://www.youtube.com/watch?v=naR_Co2rhOw  जब यजुर्वेद के 39वें अध्याय के छठे मंत्र के पदार्थ व भावार्थ मे महर्षि स्वामी दयानंद जी ने जो लिखा उसे पढ़कर भ्रम पैदा हो गया है, कृपया अल्पबुद्धि के संशय को दर करने की कृपा करें | समाधान:- बृहदारण्यक उपनिषद के जिस अंश का प्रश्न में उल्लेख किया गया है, तृण-जलुका एक परकार का कीड़ा होता है जो बिना पैर वाला होता है | वह एक तिनके (डाली आदि) से दूसरे तिनके (डाली आदि )पर जाते समय अपने अग्र (मुख) भाग को उठा कर, इधर-उधर घुमा
मृत्यु एवं ईश्वर

मृत्यु एवं ईश्वर

अध्यात्म
जिज्ञासा :- हमारी मृत्यु का ईश्वर से क्या सम्बन्ध हैं? क्या मृत्यु ईश्वर के द्वारा होती है और कब होती है? कृपया बताने का कष्ट करें | रामनारायण समाधान:- जीवों को अपने पूर्व कर्मानुसार ईश्वर के द्वारा जाती ( मनुष्य गाय -वृक्ष आदि), आयु व भोग -साधन प्राप्त होते है | हमारे वर्तमान जीवन के कर्मों से हमारी आयु व हमारे भोग-साधनों की न्यूनाधिकता हो सकती है, होती है | अन्य प्राणियों व प्रकृति -पर्यावरण से भी हमारी आयु व हमारे भोग-साधनों की न्यूनाधिकता हो सकती है, होती है| आयु के साथ ही मृत्यु जुड़ी है |आयु की समाप्ति होने को ही दूसरे शब्दों मे मृत्यु कहते है | जन्म के समय पूर्व कर्मानुसार आयु का निर्धारण ईश्वर के द्वारा किया जाने पर भी चूंकि हमारे वर्तमान के पुरुषार्थ या आलस्य के कारण आयु में न्यूनधिकाता हो सकती है, साथ ही प्रकृति व अन्य प्राणियों के कारण भी आयु से न्यूनधिकाता हो
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