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Author: Mukesh Chakarwarti

शिव का मार्ग और बुद्ध का मार्ग । The way of Shiva and Buddha  | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

शिव का मार्ग और बुद्ध का मार्ग । The way of Shiva and Buddha | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
आज भी लोगो के जहन में एक सवाल है की आखिर आध्यत्म के मार्ग में सबसे कठिन मार्ग कौन सा है मतलब शिव का मार्ग और बुद्ध ये एक सबसे कौतुहल का विषय हमेसा से बना रहा है । सद्गुरु ने बतायें की आखिर इन दोनों मार्ग भगवान् शिव और भगवान् बुद्ध के मार्ग में क्या अंतर है और हम कैसे इस मार्ग पर चलें । ये बात सच है की पिता और परिवार ने जिस मार्ग को अपनाया उसी मार्ग को पुत्र ने भी अपनाया । आप इस वीडियो को जरूर देखें सायद आप कुछ अच्छी तरह से समझ पाएं की भगवान् शिव और भगवान् बुद्ध के मार्ग में क्या अंतर है और कैसे मार्ग पर चलें ।
स्वामी विवेकानंद ने किताब कुछ ऐसे पढ़ी। This is how Swami Vivekananda read the book | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

स्वामी विवेकानंद ने किताब कुछ ऐसे पढ़ी। This is how Swami Vivekananda read the book | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म, व्यक्ति चित्र
स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) , नाम सुनते ही एक आध्यात्म की ऊर्जा दौड़ने लगती है। वैसे भी स्वामी जी वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। अध्य्तम के तरफ युवाओं का झुकाव हमेसा के कम रहा है लेकिन स्वामी विवेकानंद जी ने अपने युवा काल से ही आध्यात्म बहुत अच्छी ज्ञान थी । साथ ही साथ वे अंधविस्वाश के घोर विरोधी भी थे । एक आध्यात्म गुरु होते हुए भी वे युवाओं का रोल मॉडल है जिसके चलते उनके जन्मदिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनकी एक और बात जी बहुत ही दिलस्चब है जब वे अमेरिका स्थित शिकागो में अपने भाषण की सुरुवात "मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनो" किया था जिसके बाद पुरे अमेरिका के लोग चौक गए और तालियों की दड़गड़ाहट से पूरा हाल भर गया जिसके बाद वे सबका दिल जीत लिया था। उस समय अमेरिका में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सना
महाशिवरात्रि की रात, जागते रहो!! Jaagte Raho Mahashivratri Ki Raat | Jaggi Vasudev | Shiva

महाशिवरात्रि की रात, जागते रहो!! Jaagte Raho Mahashivratri Ki Raat | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
हमारे जीवन में महाशिवरात्रि - Mahashivratri की रात का क्या महत्वा है ये सायद बहुत कम लोगो को पता है । ज्यादा तर लोग आज भी धर्म को ले कर कंफ्यूज है। सायद इसी लिए उनको ये कभी नहीं पता चल पाया की महाशिवरात्रि की रात का क्या महत्वा है। एक ऐसा रात्रि जिसे भगवान भोले शिव की आराधना की रात मानी जाती है । सद्गुरु जी ने अपने इस वीडियो में बताया है की महाशिवरात्रि / शिवरात्रि Shivratri की रात का क्या महत्व है । उनकी इस वीडियो को पूरा देखें ।
पराई स्त्री या पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध क्या बुरा है? Adultery  Sadhguru | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

पराई स्त्री या पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध क्या बुरा है? Adultery Sadhguru | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

स्वास्थ्य
भारत हमेशा से आध्यत्मिक देश रहा है जहाँ आदिकाल से ही व्यस्थित समाज रहा है, इस समाज को सुचारु रूप से चलने के लिए कुछ कायदे कानून भी बनाये गए जो समय के अनुसार लोगो ने उसे बरकरार रखा। जब बात स्त्री या पुरुष के बिच शारीरिक सम्बन्ध की बात आती है तो इसमें कुछ जिम्मेदारिया होती है जो एक पवित्र रिस्तो के साथ दो लोग एक होते है जिसे पूरा समाज मिल कर एक करता है हमेसा-हमेसा के लिए । जिनके सम्बन्धो को पूरा समाज मान्यता देता है ताकि आने वाले जिम्मेदारी स्त्री का पुरुष के प्रति और पुरुष का स्त्री के प्रति जो अच्छी तरह से निर्वाहन कर सके। लेकिन कभी-कभी ऐसे भी बाते सामने आती है की कुछ लोग बिना जिम्मेदारी के केवल शारीरिक सम्बन्ध का भोग करना चाहते है जो की समाज बिरुद्ध माना जाता है । देखा जाए तो ये एक अज्ञानता भरी और पशु के समान बर्ताव है जो बिना जिम्मेदारी के आपस में शारीरिक सम्बन्ध बनाते है बिना सोच
खुश कैसे रहें? How to live happily? Sadhguru | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी  आध्यात्मिक अनुभव  | Jaggi Vasudev | Shiva

खुश कैसे रहें? How to live happily? Sadhguru | ईशा योग केन्द्र प्रवास | गहरी आध्यात्मिक अनुभव | Jaggi Vasudev | Shiva

अध्यात्म
दुनिया में सब कुछ  प्राप्त किया जा सकता है लेकिन एक चीज जो की अनमोल रत्न से भी कहीं कीमती है तो ओ है "ख़ुशी " । इंसान अपने जीवन में माकन, पैसा, रुतबा, सब कमाता है लेकिन फिर भी उसे एक सच्ची ख़ुशी की हमेसा तलाश रहती है । जीवन में हर कोई खुश रहना चाहता है और हो भी ना क्यों की ख़ुशी के बाद ही सन्ति मिलती है यदि आप मन और दिमाग से आप परेशान है तो आप के लिए दुनियां का हर कीमती चीज कागज के रद्दी की तरह है । खुश कैसे रहें? इसपर सद्गुरु जी ने एक गहरी आध्यात्मिक अनुभव के साथ अपने बिचार को शेयर किया है और उन्होंने बतायें है की खुश रहने का राज क्या है । जीवन में क्या करें की हम खुश रह सके । मैंने नीच वीडियो का लिंक दिया है आप इस वीडियो को पूरा देखें ।