हिंदुओं के आस्था का प्रतिका भगवान बद्रीनाथ धाम (Lord Badrinath or Badrinarayan) भले ही कपाट बंद हो चुके हैं लेकिन इस भगवन बदरीनाथ धाम में जहाँ माइनस 20 डिग्री पर पहुंच ठिठुरने वाली कड़क ठंडी में भी अनेक साधु - संत आज भी भगवान् की भक्ति में लीन हैं । इन्हे देख लगता है की इनके सामने कड़क ठंडी ने भी घुटने तक दिया है लगता है की इनके शरीर वज्रदेह बन चूका है ।
पूरा उच्च हिमालयी सर्दियों Himalayan Winter में बदरीनाथ धाम सहित यह क्षेत्र 4 से 6 फीट बर्फ से ढक जाता है फिर भी साधक की साधना भंग करने की तगत इस कड़ाके की ठण्ड में भी नहीं है ।
साधु जो माया के बंधन को तोड़ भगवान् के द्वार तक पहुंचे हैं । ये अपने ही साधना में लीन रहते है न तो उन्हें ठंडे पानी Cold water से कोई फर्क पड़ रहा है और न ही बर्फबारी Snowfall से । इस जगह पर भगवान् बदरीनाथ धाम Bhagwan Badrinath Dham में कपाट बंद होने क
जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा |
हमनें थकते देखा, थक कर रुक जाते और मुरझाते देखा,
धरा के इस पञ्च तत्व में, विलय शून्य बन जाते देखा
जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा ||
थक गए चलते-चलते, मंजिल का विश्राम नहीं,
ऐसे मानों राह बड़ा, पथ का कोई ज्ञान नहीं |
खोज रहे उस पावक पथ को, निज पाओं से चलते-चलते,
जब थक कर चूर हुए अरमान, तब आसमान की ओर भी देखा,
उजियारे भी चले गए, अब अंधकार के बादल बैठे,
उन्नत मस्तक अरमानों का, अपमानों से सम्मानों तक,
कभी मिलते देखा, कभी लड़ते देखा, कभी चलते देखा, कभी रुकते दखा,
जिंदगी के पड़ाव पर हमनें चलते देखा , हमनें रुकते देखा ||
कभी पावों के निचे अंगारें, कभी प्रलय की घोर घटायें,
कभी अपनों के कल कहार में, घोर घृणा और दीर्घ हार में ,
नफरत के इस अंगार में हमनें सुलगते देखा, हमनें धधकते देखा,
नफरत के इस
भारत रत्न, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांसें ली | 93 वर्ष के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का लम्बे समय से इलाज चल रहा था |
वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था | श्री अटल बिहारी वाजपेयी 3 बार प्रधानमंत्री रहे, वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही चल पाई थी | 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे और 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया | 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए |
उनके खुद के शब्दों में ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं’.
2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, वे डिमेंशिया नाम की गंभ
करीना कपूर संग पूरा परिवार ने सैफ अली खान ने अपना 47वां बर्थडे फैमिली के साथ मुंबई में मनाया. इस बर्थडे में सैफ के जन्मदिन के मौके पर स्पेशल चॉकलेट केक बनवाया गया था | कुछ फोटो
We Love Saifu लिखवाया केक पर |
वैसे आप को बता दे की सैफ अली खान के कई दोस्त उनको सैफू के नाम से भी बुलाते हैं| इस लिए करीना ने भी We Love Saifu के साथ केक बनवाया |
करीना-करिश्मा कपूर संग सैफ अली खान
PHOTO: इंसटाग्राम
'संजू' एक बायोपिक जो संजय दत्त के जीवनी को ले कर फिल्माया गया | इस फिल्म में संजू का किरदार निभाने के लिए फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी के पहले पसंद रणबीर कपूर बने, कई लोग इस बात को ले कर बहुत हैरान रहे लेकिन ऐसा होने के पीछे बहुत से कारण थे जिसके चलते रणबीर कूपर पसंद बने | रणबीर कूपर और संजय दत्त पर्सनैलिटी और सकल में एक दुसरे से मिलता जुलता बिलकुल नहीं था लेकिन | आइए जानते हैं ऐसा क्या रहा |
राजकुमार हिरानी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था की रणबीर कपूर पर्सनैलिटी ऐसी है वह उम्र के हिसाब से छोटे-बड़े किरदारों में फिट हो सकते है, चाहे वह किरदार 21 साल का हो या 50 साल का |
दूसरी सबसे बड़ी बजह है की रणबीर कूपर एक शानदार कलाकार हैं. संभवत: फिल्म की शुरुआत संजय दत्त की रॉकी स्टाइल में एंट्री वाली दृश्यों से होगी इस लिए निर्देशक राजकुमार हिरानी को ऐसे एक्टर की जरूरत थी जो सभी किरद
संजय दत्त की बॉयोपिक संजू 29th June 2018 फिल्म रिलीज़ हुवा था | इस फिल्म में संजय दत्त के जीवन के पहलुओं और हर रंगों को दिखाया गया है | फिल्म में उनकी तीसरी पत्नी मान्यता दत्त का किरदार को दीया मिर्जा की है |
फिल्म में सबसे बड़ी बात है की उनकी पहली पत्नी रिचा शर्मा का जिक्र नहीं है|
आप को बता दे की संजय की पहली पत्नी रिचा शर्मा से उनकी मुलाकात फिल्म के दौरान हुई थी | संजय दत्त पहले रिचा शर्म को एक मैग्जीन में देखा था उस समय रिचा शर्मा 1987 में फिल्म 'आग ही आग' की शूटिंग कर रही थीं |
उस फिल्म के दौरान ही संजय ने रिचा को प्रपोज किया लेकिन उस समय रिचा ने कोई जबाब नहीं दिया | लेकिन संजय दत्त यही नहीं रुके उन्होंने रिचा को बार बार फोने करते रहे जवाब सुनने के लिए |
लेकिन रिचा ने आखिर में हां कर दिया फिर दोनों की सदी 1987 में हुई, एक साल बाद 1988 में उनकी बेटी त्रिशाला हुई | बेटी त
हिमाचल एक बहुत ही खुबसूरत जगह है जहाँ पर आप अपने छुट्टी के दिन में घूम सकते है | मई में गर्मी की छुट्टियां शुरू होती है जब की सबसे अधिक गर्मी मई और जून में होती है इस चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए आप हिमाचल की खुबसूरत वादियों की सैर कर सकते है क्यों की इस चिलचिलाती गर्मी में हिमाचल से बेहतर और क्या हो सकता है | यदी आप इस चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत पाना चाहते हैं तो आप अपने परिवार के साथ कुछ खुशनुमा पल बिता सकते है | बहुत लोग यहाँ पहले भी जा चुके होंगे लेकिन आप चाहें तो हिमाचल की लिक से हटके और भी जगह है जो कम भीड़भाड़ कम और ज्यादा सुकून भरा जगह भी है जिसका आप भरपूर आनंद ले सकते है |
शोजा -> अगर मै आप से ये कहूँ की आपने कभी बादलों और पहाड़ो को एक साथ देखा है बेहद करीब से, यदि आप के पास जबाब नहीं है तो आप तो आप शोजा जरूर जाएँ, इसके साथ
डिजिटल इंडिया और सिक्यूरिटी को ध्यान में रख कर आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करना जरुरी है |
मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने की तारीख फिलहाल बढ़ा दी गई है, ताकि जो लोग अभी लिंक नहीं काया पाये है ओ लिंक करा सके | लेकिन मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक के नाम पर एक नया फ्रॉड शुरू हो गया है. अगर आप ने थोड़ी सावधानी नहीं बरती, तो आप इस फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं |
कुछ टेलीकॉम कंपनी ग्राहकों को एक SMS भेजा रही है और ग्राहकों को सावधान किया गया है कि उन्हें मोबाइल नंबर आधार से लिंक करने के नाम पर कॉल आ सकता है और सिम स्वैपिंग के लिए कहा जा सकता है |
कंपनी के मुताबिक अगर आपको कोई ऐसा कॉल आए, तो आप किसी भी सूरत में OTP और नया सिम नंबर 121 पर न भेजें. एयरटेल ने कहा है कि इस पर कोई डिटेल तब ही भेजें, अगर नया सिम आपके हाथ में हो | टेलीकॉम कंपनी ने चेताया है कि ये कॉल फ्रॉड करने वालों की
रोज मर्रा की जीवन में बहुत से नए चीजें और परेशानियानो का सामना करना पड़ता है जो एक मानव विकाश के लिए भी जरुरी है इन सब चलते मन में फालतू बाते आती रहती है ।
कुछ बाते मन में इतनी फालतू होती है जो हमारे जीवन के लिए ठीक नहीं होती लेकिन हम इन सब बातो /चककरो से कैसे बहार निकले ? ये अपने आप में एक बड़ा सवाल होता है ।
सद्गुरु जी ने इन्हीं बातो के ले कर अपने इस वीडियो में बातें है की मन के फालतू चक्कर से कैसे निकलें? आप इनके वीडियो को पूरा सुने ।