Author: Mukesh Chakarwarti
हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें,जवान रहने के उपाय, हमेशा जवान दिखने की टिप्स
हमेशा जवान दिखने की टिप्स : आज के समय के हर व्यक्ति के जीवन में सुंदरता बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है. नौकरी से लेकर शादी तक सभी जगह सुंदरता का अपना अपना महत्व है. इसीलिए जिसे देखो वही अपनी सुंदरता को बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ-साथ ये प्रयास भी विफल होने लगते है. एक सामान्य उम्र के औरत और उससे 5 साल बड़ी औरत की सुंदरता में जमीं आसमान का अंतर आ जाता है. क्योकि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर और हमारे चेहरे पर कई बदलाव आते है.
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जिसकी वजह से चेहरे अपर झुर्रियां, बालो का झड़ना और असमय सफ़ेद हो जाना और न जाने क्या क्या है. पर ये भी सत्य है की दुनिया का कोई भी व्यक्ति बूढ़ा नहीं दिखना चाहता. वे सभी हमेशा जवान और सुंदरता दिखना चाहते है. लेकिन कुदरत के इस परिवर्तन को बदलना इतना आसान नहीं है. बढ़ती उम्र को छुपा
एक बालक की पुकार
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नोट - घर पर कोई नहीं है रात का समय है एक बालक अकेले घर पर है और डरा हुवा है , अन्धकार के चलते आकाश के चाँद - सितारों को मना रहा है , उनको फुसिला रहा है अपने मीठी बातों से ।
आजा तारे -चाँद सितारे ,
आजा मेरे घर पर ।
मेरे घर को तू चमकादे ,
अंधियारा तू दूर भगा दे ।
अच्छा नहीं लगता अंधियारा ,
तू हीं लगता है मुझे प्यारा ।
आजा तारे - चाँद सितारे ,
आजा मेरे घर पर ।
तेरे बिना ना पढ़ सकता मैं ,
तेरे बिना ना रह सकता मैं ।
कैसे मैं तुझे मनाऊँ ,
कैसे कर मैं तुझे समझाऊँ ।
मैं तुमसे बिनती करता हूँ, तुमसे मैं रो कर कहता हूँ ।
हे आकाश के चाँद -सितारे , सुन ले ईश बालक की बाते ,
कर दे तू अँधियारा दूर , कर दे तू अँधियारा दूर ।
Mukesh Chakarwarti
गर्भवती होने के लिए कब क्या करे, क्या है सही समय
स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार गर्भवती होने के लिए जितना सेक्स करना जरुरी है उतना ही ये भी जरुरी है की इस बात की जानकारी होनी चाहिए की सेक्स कब किया जाए | इस पहलू पर ना ध्यान देने से कई बार गर्भधारण करने में भी परेशानी भी आती है |
क्या है कारण गर्भधारण न कर पाने के पीछे |
वैसे तो गर्भधारण कर पाने के पीछे कई कारण हो सकते है| साथ जी इसके तहत महिला और पुरुष के शारीरिक और मानसिक दोनों कारण हो सकते है | ज्यादा तर तो ज्ञान और जानकारी का अभाव होना जिसके तहत सही समय पर सेक्स ना करना, सेक्स के बातो को ध्यान में ना रखना |
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लेकिन इन सब के साथ और भी बहुत से कारण हो सकते है | गर्भ धारण करने का प्रयत्न करने से पहले वे दोनों अपना शारीरिक परीक्षण करवा लें क्योंकि इससे गर्भावस्था से संबंधित कई समस्याओं का निदान करने में सहायता मिलती है।
जानें कि ग
खिलौना का भाव
खिलौनों का भाव –
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1 रूपये की 40 मछली,
3 रूपये का 1 बंदर,
5 रूपये का 1 शेर
100 रूपये में 100 खिलौने कैसे खरीदोगे ?
चम्पारण सत्याग्रह के पहले १०० साल पे आइये जाने सुबह से शाम तक कैसी होती थी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की दिनचर्या
चम्पारण में गान्धीजी का निवास एवं दिनचर्या
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दिनांक 19.04.1917 को गान्धीजी को लग गया था कि चम्पारण में लम्बे समय तक रहना पड़ेगा तथा सहयोगियों के लिए बड़े एव अलग घर की आवश्यकता पड़ेगी। श्री राम दयाल प्रसाद जो मोतिहारी के साहू घराने के युवक थे । उन्होंने एक अलग मकान की व्यवस्था कर दिया। उसी समय गान्धीजी ने सबोको आदेश दिया कि नये निवास स्थान में चलना है। मकान की सफाई बगैरह होते-होते संध्या हो गई तथा सभी लोगों ने सोचा कि आज रात में नई जगह न जाकर अगले दिन सुबह चले चलेंगे और सभी सहयोगियों ने न जाने का फैसला किया। रात में करीब नौ बजे के बाद गान्धीजी ने जानना चाहा कि नए मकान में कब चलना है तब उन्हें बताया गया कि सब की राय है कि कल सबेरे चलेंगे। सभी सहयोगियों का यह विचार गान्धीजी को पसन्द नहीं आया। उन्होंने सबो से कहा कि ‘‘जब एक बार
उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक, दो घंटे बाद वापस लौटे
बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है.
नई दिल्ली: भारत और चीन की सीमा कई स्थानों पर निर्धारित नहीं है, लेकिन कई जगहों पर सीमा स्पष्ट है. इसके बावजूद चीन की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र का उल्लंघन होता रहा है. अब उत्तराखंड में चीनी सेना के जवानों के भारतीय सीमा में घुस आने की खबर है. बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने भी इस बात को माना है चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है. हालांकि सेना और सरकारी सूत्रों ने उत्तराखंड के बराहोती में चीनी सेना के घुसपैठ की खबर को गलत बताया है. सूत्रों का कहना है कि वहां आमतौर पर दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के
जीवन के उलझन
उलझन एक अजीब है , जब उलझे संसार |
प्रेम में उलझन , बनती बात ,
प्रेम उलझकर बना ओ प्यार , इतना सुन्दर ये संसार ||
प्रेम रूपी जब दीप जला तो , खुशियों से खिलता संसार |
खुशिया बहुत निराली है , जब उलझन बनता प्यार ही प्यार ||
जब उलझन होता झगड़ो का , तब दुनिया बनती खड़हर सा |
इश दुनियाँ (परिवार) में दीप न जलता , तो लगता है आया काल |
काल रूपी जब दीप जला तो , खुशियाँ बनती है जौजाल ||
जब खुशियाँ उठती है ऊपर , तो आते है काल का छाँव |
इश छाँव में जल जाते है , ऊपर -ऊपर के ही पाँव ||
तो लगे कबारन(उजागर) उन मुर्दो(बात) को , जो खुशिओं से दबे पड़े थे |
जब कबरन को मुर्दे लागे, तो लागे संसार की दुरी भागे |
छांट - छूँट कर , बाट बूट कर , अलगा हुवा यही संसार |- 2 |
एक ही खून के दो जन्मे थे , लेकिन बात नहीं बनते थे |
एक लगा कुछ बोलन लागे , दूसरा बोलन जोर से लागे ||
इशी बीच में हो गई
मच्छर दाता – मलेरिया के बिधाता
हे रातों के मच्छर दाता,
तू ही मलेरिया का है बिधाता |
तू चाहें तो रात बिता दे,
तू चाहें तो रात भर जगा दें |
तेरी दया जहाँ जाती है ,
वहां कृपया रहता है तुम्हारा |
तेरा घर तो नाला – नाली
नदी, तालाब, और गंदे पानी |
तू तो दिन वही बिताता,
रात को मेरे घर में आता |
ऊँ ऊँ कर बाते तू करता,
तू तो सबसे है कुछ कहता |
तेरी बाते बहुत निराली,
ऊ ऊ वाली बाते प्यारी |
तेरी बाते जो ना सुनता
उसको तू देता है दण्ड |
हे रातों के मच्छर दाता,
तू ही मलेरिया का है बिधाता |
- Mukesh Chakarwarti
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भोजपुरी आंदोलन का नया प्रारूप है ‘पुरुआ’
भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता के लिए बहुत पहले से आवाज उठती आ रही है। लगभग 50 सालों से अलग-अलग स्तर पे आन्दोलन चल रहे हैं। सरकार का इस मुद्दे परक्या रुख है ये तो अबतक साफ नहीं है लेकिन इन दिनों एक संगठन ने आन्दोलन का अलग ही रूप इख़्तियार किया है। कुछ ही दिनों पहले शुरू हुए इस संगठन का मानना है कि भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता ना मिलने की एक बहुत बड़ी वजह ये है कि लोगों को इस भाषा की गहराई नहीं मालूम लोग भोजपुरी को बस अश्लील और द्विअर्थी गीतों से ही जानते हैं। लोगों की इस सोच को बदलने का बीड़ा उठाया है युवाओं के संगठन "पुरुआ" ने। "पुरुआ कुछ यूवाओं का संगठन है जिनका संकल्प है भोजपुरी भाषा में अच्छे और स्तरीय गीत-संगीत का निर्माण करना। इसके लिए इन्होने देश-विदेश से भोजपुरी भाषियों को जोड़ा है एवं नए कलाकारों को लेकर ही गीत संगीत का निर्माण कार्य कर रहे हैं।
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