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मुख्य

ध्यान कैसे करें? – ध्यान के लाभ क्या हैं?

ध्यान कैसे करें? – ध्यान के लाभ क्या हैं?

ध्यान, मुख्य
क्या आप कभी अपने मस्तिष्क को खोजते हैं? मैं कह सकता हूं कि यह बड़ा स्थान है। अपनी आँखों के सामने आप कितनी देख रहे हैं आप अपने बंद आँखों का उपयोग करके और अधिक देख सकते हैं। इसे दूसरे शब्दों में दृष्टि कहा जाता है, हम ज्ञान की आंखें कह सकते हैं। ध्यान शून्य से शुरू होता है आम तौर पर एक मानव मस्तिष्क हर समय हम रहते हैं। लेकिन हम नींद की गहराई में होने के बाद सोच और थ्रेडिंग बंद हो जाते हैं।  मेरा मतलब है ध्यान कैसे करें? अपने दिमाग का विश्लेषण करें, हर बार यह हमारी सोच और धागे को संसाधित करने के लिए काम कर रहा है। नींद के बाद किसी भी समय आपको मिल गया आपका दिमाग शून्य है। सही उत्तर नहीं है ध्यान में पहली चुनौती के साथ यहाँ सो नहीं है, आप अपने मस्तिष्क को नींद के चरण में ले सकते हैं। मेरा मतलब है कि आप शून्य पर रीसेट कर सकते हैं | शारीरिक रूप से हम सभी समान हैं लेकिन तार्किक रूप से प्रत्येक
महिलाओं के लिए पेट को कम करने का सबसे अच्छा तरीका – वजन घटाने की युक्तियाँ

महिलाओं के लिए पेट को कम करने का सबसे अच्छा तरीका – वजन घटाने की युक्तियाँ

मुख्य, स्वास्थ्य
महिला प्रकृति की एक सुंदर कला है हर महिला को स्लिम और ध्वन्यात्मक दिखना पसंद है दर्पण दृश्य से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक जहां वह अपनी सुंदरता फैलती है सुंदर महिलाओं को परिवार और समाज के लिए एक उपहार है 25  से 40 की उम्र के बीच में कई खूबसूरत महिलाएं अतिरिक्त पेट वसा के कारण अपने आकर्षक शरीर का आकार खो देती है । फैट और कोलेस्ट्रॉल धीमी जहर की तरह काम कर रहे हैं। वसा या कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा दिल और अन्य गंभीर रोग पैदा कर सकता है। आपको स्वस्थ और अधिक सुंदर रखने के लिए अपने शरीर से वसा कम करने की प्राथमिकता दें। कोर्टिसोल हार्मोन की चिकित्सा विज्ञान स्राव के अनुसार महिलाओं में पेट वसा बढ़ाना पेट के वसा खोने के लिए आज हमारे पास कई इलेक्ट्रॉनिक्स जिम या योग केंद्र हैं कभी-कभी हम पेट वसा को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं इस सत्र में आपको महिलाओं के पेट कम करने का सबसे अच्छा तरीका पता है।
अब सीधे नक्सलियों के गढ़ में चोट, आजादी के बाद पहली बार सर्वे करा रही सरकार – आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है.

अब सीधे नक्सलियों के गढ़ में चोट, आजादी के बाद पहली बार सर्वे करा रही सरकार – आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है.

देश
नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ पर सरकार ने चिन्हित करके अपना दखल बढ़ाना शुरू कर दिया है. अबूझमाड़ में चिन्हित करने का काम प्रशासन से शुरू किया है. इसके लिए बाकायदा गांव-गांव जाकर हर एक प्लॉट और घर का सर्वे किया जा रहा है. आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 22 अप्रैल से ये काम नारायणपुर जिले से शुरू किया गया है| ये अभियान अकाबेदा गांव से शुरू किया गया. गांववाले भी चाहते हैं कि उनकी जमीन पर उनका हक हो. ये प्रोजेक्ट काफी वक्त से पाइपलाइन में था, लेकिन अब जाकर पहली बार शुरू हो पाया है.' क्या है मकसद हालांकि प्रशासन / सरकार का कहना है कि इस सर्वे का मकसद रिवेन्यू रिकॉर्ड्स इकट्ठा करना है. ताकि लोगों को उनकी जमीनों पर हक और इंसाफ दिलाया जा सके और साथ ही साथ लगो के आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सके. हालांकि माना ये भी जा रहा है कि
खुल गया राज…… कट्टपा ने बाहुबली को इस लिए मारा

खुल गया राज…… कट्टपा ने बाहुबली को इस लिए मारा

मुख्य
  साल 2015 में आई फ़िल्म बाहुबली को दर्शकों ने खूब सराहा था और इस फ़िल्म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे लेकिन इस फ़िल्म के आखिर में एक ऐसा राज बाकी रह गया था जिसके बारे में सोचकर अच्छे अच्छों के सर में दर्द हो गया लेकिन इसका जवाब नहीं मिल पाया। "कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा?" ये सवाल गूगल पे सबसे ज्यादा सर्च किये जाने वाले कीवर्ड्स में से था। अब लगभग दो साल बाद जब इस फ़िल्म का दूसरा भाग आज रिलीज हुआ तो लोगों ने लंबी- लंबी कतार लगाकर भी इस फ़िल्म के लिए टिकट खरीदी और आखिरकार आज राज से पर्दा उठ गया।   कट्टपा ने शिवगामी देवी के कहने पर बाहुबली को मारा था।
10 मार्च को पत्नी के साथ मनायी थी शादी की पहली सालगिरह, अब खबर आयी शहीद हो गया पति

10 मार्च को पत्नी के साथ मनायी थी शादी की पहली सालगिरह, अब खबर आयी शहीद हो गया पति

देश, मुख्य, राज्य (State)
वैशाली जिला के अभय चौधरी भी शहीद हो गए जो कि लोमा के गाँव के थे यही दस दिन पहले ही छूटी मना कर गए थे इसे पहले भी इनके बड़े भाई भी सेना में शहीद हो चुके हैं और पिता जो थे वह बचपन मे गुजर गए थे । अब बताये उनके घर मे कोई नही बचा इसका जिमेबार कौन ।   छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ के 26 शहीद जवानों में वैशाली का लाल अभय चौधरी भी शामिल है। लोमा गांव में अभय के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। 25 दिन पहले ही अभय अपने गांव में छुट्टियां बिता कर वापस सुकमा गए थे। इन्ही छुट्टियों में उन्होंने अपने शादी की पहली सालगिरह दस मार्च को अपनी पत्नी तान्या चौधरी के साथ मनाई थी।                                                               शहीद जवान की पत्नी। बचपन में ही अपने पिता की हत्या होने के बाद अभय देश भक्ति के जज्बे के साथ 2010 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था। सोमवा
गंभीर ने खोली विराट की पोल, बताया क्यों देते हैं इतनी गालियां

गंभीर ने खोली विराट की पोल, बताया क्यों देते हैं इतनी गालियां

मुख्य
आईपीएल में कोलकाता के कप्तान गौतम गंभीर हों या बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली इन दोनों में कई समानताएं हैं. दोनों खिलाड़ी अपनी बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं, दोनों मैदान पर काफी अग्रेसिव रहते हैं और कई बार अपशब्दों और गालियों का प्रयोग भी करते हैं. इसके अलावा एक और अहम समानता है कि ये दोनों खिलाड़ी मूल रूप से दिल्ली के हैं. गंभीर ने कहा दिल्ली के खिलाडी मैदान पर ज्यादा गाली देते है ,  See more. 
1965 की जंग की सच्चाई, पाकिस्तान आज भी मनाता है झूठा जश्न | भारत-पाकिस्तान 1965 युद्ध डॉक्यूमेंट्री ! शौर्य और बलिदान की वीरगाथा |

1965 की जंग की सच्चाई, पाकिस्तान आज भी मनाता है झूठा जश्न | भारत-पाकिस्तान 1965 युद्ध डॉक्यूमेंट्री ! शौर्य और बलिदान की वीरगाथा |

दुनिया, देश
सेना 1965 की भारत-पाक की जंग की 50वीं सालगिरह मना रही है । कश्मीर के मोर्चे पर पाकिस्तानी हमले की धार कमज़ोर करने के लिए भारत ने पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवाबी हमला किया, लेकिन असल उत्तर में टैंक युद्ध ने दुश्मन के हौसले पस्त कर दिए।
सुकमा हमले: सीआरपीएफ जवान दोपहर का भोजन कर रहे थे जब माओवादियों ने उन पर हमला किया

सुकमा हमले: सीआरपीएफ जवान दोपहर का भोजन कर रहे थे जब माओवादियों ने उन पर हमला किया

दुनिया, देश
सुकमा में CRPF जवानों पर नक्सलियों ने सोमवार को भारी हथियारों से लैस होकर हमला किया था।. शहीद 25 CRPF जवान.    
हर्षो उलाश से मनाया जाएगा चंपारण सत्याग्रह 100 वी  वर्षगांठ समारोह, भारत के पहले सविनय अवज्ञा आंदोलन के 100 वर्षों का जश्न मनाएं जो चंपारण सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है। चंपारण सत्याग्रह के अनकही नायकों के बारे में अधिक जानने के लिए इस पेज को पढ़ें.

हर्षो उलाश से मनाया जाएगा चंपारण सत्याग्रह 100 वी वर्षगांठ समारोह, भारत के पहले सविनय अवज्ञा आंदोलन के 100 वर्षों का जश्न मनाएं जो चंपारण सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है। चंपारण सत्याग्रह के अनकही नायकों के बारे में अधिक जानने के लिए इस पेज को पढ़ें.

देश
चंपारण सत्याग्रह (नील की खेती से सत्याग्रह तक ) गांधीजी एवं चंम्पारण सत्याग्रह गाँधी जी ने चम्पारण में अपना पहला कदम अप्रैल 1917 में रखा था। उन दिनों गांधी जी की भारत में कोई बड़ी पहचान नहीं थी। गांधीजी नील की खेती करने वालों को उनका सही हक दिलाना चाहते थे। अंग्रेज अधिकारियों ने गांधीजी को समझाने का प्रयास किया कि वे चम्पारण के लिए बाहरी व्यक्ति हैं। उनका चम्पारण से कोई लेना-देना नहीं है। अतः उनको चम्पारण के मामले से दूर रहना चाहिए। गांधीजी को आदेश दिया गया कि वे चम्पारण न जाएं। परन्तु गांधी जी ने उस आदेश की अवहेलना की और चम्पारण जाने का निर्णय लिया। लगभग एक साल के अन्दर गांधीजी ने सौ वर्षों से चली आ रही शोषणकारी नील की खेती से लगे दाग को धो डाला। साथ-साथ उन्होंने सत्याग्रह को एक ऐसे हथियार के रूप में प्रदान किया, जिसने हमारे देश को परतंत्रता से मुक्ति दिलायी, और वह भी मात्र तीस सालों
कपिल से झगड़े के बाद लोगों के सामने आए सुनील ग्रोवर

कपिल से झगड़े के बाद लोगों के सामने आए सुनील ग्रोवर

टीवी. Buzz (छोटा पर्दा), मनोरंजन, मुख्य
कपिल शर्मा से झगड़े के बाद लगातार ये कायस लगाए जा रहे थे कि अब सुनील क्या करने जा रहे हैं लेकिन सुनील ग्रोवर की पहली परफ़ॉर्मेंस में हुआ बहुत कुछ सुनील ग्रोवर पिछले कुछ काफी दिनों से टीवी और इंटरनेट पर छाए हुए हैं। कपिल शर्मा से हुए उनके झगड़े के बाद लगातार वो खबरों में बने हुए हैं। जब इस झगड़े की ख़बरें सामने आयीं तो पहले कपिल ने सफाई देते हुए अपनी बात रखी और बाद में सुनील भी सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी बात रखी। इस झगड़े के बाद शनिवार को सुनील लोगों के सामने आये और अपने दिल की बात भी रखी। सुनील दिल्ली में एक लाइव शो में परफ़ॉर्म कर रहे थे। कपिल शर्मा से झगड़े के बाद ये सुनील की पहली परफ़ॉर्मेंस थी। आप भी सुनें सुनील ग्रोवर ने लोगों के बीच आकर क्या कहा: