धर्मार्थ पक्षी अस्पताल – एक नयी ज़िंदगी और नई उड़ान , पक्षियों का अस्पताल !
लोग सच कहते है की बेज़ुबान अपना दर्द बाया नहीं कर पाते लेकिन हमारे ही समाज में कुछ ऐसे लोग भी है जो दर्द को पहचान लेते है ऐसा ही कुछ है दिल्ली का धर्मार्थ पक्षी अस्पताल |
इंसान के जख़्मों को तो लोग बखूबी पहचानते है और उन जख़्मों पर तो मरहम भी लग जाता है, लेकिन परिंदों का क्या जो बेज़ुबान होते हैं, वे अपने दर्द को बयाँ नहीं कर पाते है और बे मौत तड़प तड़प कर मर जाते है |
हमारे समाज में जब पड़ोसी के घर कोई कस्ट में होता है तो मोहल्ले वाले भी जा कर समाचार लेते है लेकिन क्या किसी ने सोच कई आप के पड़ोस में पक्षियों का भी घर होता है, कभी आप उनका भी खबर ले ओ कैसे है किसी कस्ट में तो नहीं है |
भारत की राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक में, लालकिले के पाश पक्षियों के धर्मार्थ चिकित्सालय की स्थापना 1929 में की गई थी, जो घायल पक्षियों को नयी ज़िंदगी दे रहा है यह पूरी दिल्ली में एक ऐसा अस्पताल है








