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Tiger Zinda Hai Hindi Film | Salman Khan | Katrina Kaif | Official Trailer – 22 December 2017

Tiger Zinda Hai Hindi Film | Salman Khan | Katrina Kaif | Official Trailer – 22 December 2017

बॉलीवुड, मुख्य
Latest Bollywood Hindi Movie Trailers 2017 https://youtu.be/ePO5M5DE01I Release date: 22 December 2017 (India) Director: Ali Abbas Zafar Production company: Yash Raj Films Producer: Aditya Chopra Music director: Vishal–Shekhar, Julius Packiam (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); The wait ends now. Get ready for the big reveal! #TigerZindaHaiTrailer OUT NOW. @BeingSalmanKhan #KatrinaKaif @yrf https://t.co/5q1M88hX4o — #TigerZindaHai (@TigerZindaHai) November 7, 2017 Spreading like wild fire ;) #TZHTrailerSmashesRecords | Watch: https://t.co/XqAHM9MA3O | @BeingSalmanKhan | #KatrinaKaif | @yrf | @aliabbaszafar pic.twitter.com/mbs9BsHfkD — #TigerZindaHai (@TigerZindaHai) November 8, 2017
माँ मुंडेश्वरी धाम मंदिर | Maa Mundeshwari Temple  Kaimur Bhabua Bihar | कैमूर (भभुआ), बिहार

माँ मुंडेश्वरी धाम मंदिर | Maa Mundeshwari Temple Kaimur Bhabua Bihar | कैमूर (भभुआ), बिहार

माँ मुंडेश्वरी को ऐतिहासिक दृष्टि से बिहार और दुनिया के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है | यह प्राचीन मंदिर पुरातात्विक धरोहर ही नहीं, अपितु तीर्थाटन व पर्यटन का जीवंत केन्द्रद भी है। मन जाता है | कैमूर (भभुआ) जिला के दक्षिण में भगवानपुर क्षेत्र में पवरा पहाड़ी पर 608 फीट की ऊँचाई पर स्थित है| और मंदिर का मुख्य द्वार भी दक्षिण की ओर है। इस मंदिर को देख कर इसमें कोई सन्देह नहीं कि यह मंदिर भारत के सर्वाधिक प्राचीन व सुंदर मंदिरों में एक है | (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दुनिया का सबसे प्राचीन मंदिर (प्राचीनता):- मुंडेश्वरी मंदिर की प्राचीनता का महत्व जग जाहिर है माना जाता है की कि यहाँ पर पूजा की परंपरा 1900 सालों से लगातार चली आ रही है और आज भी यह मंदिर पूरी तरह जीवंत है। मंदिर के निर्माण को ले कर यह दावे के साथ कहना कठिन है की इस मंदिर को
रातों रात वायरल हुआ किसानों की संवेदना को उकेरता गीत

रातों रात वायरल हुआ किसानों की संवेदना को उकेरता गीत

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कल "पुरुआ "के मंच से किसानी के कष्ट को रेखांकित करते हुए एक भोजपुरी गीत युट्यूब पर रिलीज हुआ है। गीत मधुर है। बैकग्राउन्ड में है। और वीडियो में एक थके हुए लेकिन जूझते हुए किसान का चित्रण है। त परती बा धरती देव बरिसबs कि नाहीं..... हम अपने देश में मरते किसान देख रहे हैं। गाँवों से शहर की ओर पलायन देख रहे हैं। और शहर में घोर अभाव और असुविधा में एक और दिन जी लेने तथा अपने आश्रितों को जिलाए रखने के लिए मरते रहते हैं। हमारी सरकारें जिन पार्टियों से बनती रही हैं...वे पार्टियाँ कम संगठित गिरोह ज्यादा हैं। उनमें ऐसे संवेदनशील और विवेकशील लोग नहीं जो सामान्य मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कुछ मौलिक सोच सकें। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); एक बात और ध्यान देने की है...कि किसी मंच से पहला गाना समस्या बताते हुए क्यों। धमाकेदार आइटम सांग क्यों नही
विटामिन सी क्या है और हमारे स्वास्थ्य के लिए यह मत्वपूर्ण क्यों है ?

विटामिन सी क्या है और हमारे स्वास्थ्य के लिए यह मत्वपूर्ण क्यों है ?

मुख्य, स्वास्थ्य
विटामिन सी को एस्कॉर्बिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है। बिटामिन सी हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए अति आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है | यह पोषक तत्व फ्री रेडिकल्स से हमारे शारीर की कोशिकाओ का बचाव करता है | यह एक एंटी-एलर्जी ओ एंटी-ओक्सिडेंट के रूप में काम करता है | हेल्दी रहने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप इसकी सही क्वॉन्टिटी लें और सही टाइम पर लें।   (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आइए जानें विटामिन सी के कार्य के बारे में, कैसे हमारे लिए संजीवनी बूटी है विटामिन सी ? बिटामिन सी कैंसर की संभावना को भी कम करने में बहुत सहायक है| हड्डियों को जोड़ने वाले कोलाजेन पदार्थ, रक्त वाहीकाएं, लीगामेट्स, कार्टिलेज आदि अंगों को भी अपने निर्माण के लिए विटामिन सी जरुरी होता है | विटामिन सी हमारे मस्तिष्क में सेराटोनिन नामक
महाबीरी झंडा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई । बिहार सारण, कोहरा में बजरंग बली की पूजा धूम धाम से मनाया गया

महाबीरी झंडा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई । बिहार सारण, कोहरा में बजरंग बली की पूजा धूम धाम से मनाया गया

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सारण के मांझी प्रखंड में महाबीरी झंडा प्रखंड के लगभग सभी क्षेत्रो मे धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया गया दर्जनो जगह पर लगे महावीरी आखाडा मे लोगो द्वारा अपना अपना करतब दिखाया । प्रखंड मे पूर्व मे महावीरी झंडा के जुलूस के दौरान हुए हंगामा वाले जगहो पर पुलिस की पैनी नजर थी । प्रखंड के कोहरा, नासिरा, पिलुई , चमरहिया , बरेजा गांव मे महावीरी जुलूस के समय पुलिस साथ रहकर शान्ति पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया । पुरे प्रखंड मे महावीरी झंडा मेला के लिए मजिस्ट्रेट की देखरेख मे भिन्न-भिन्न स्थानों पर धूम धाम से मनाया गया । गुरूवार को सभी महावीरी झंडा के कार्यकताओं ने भव्य जुलुस निकाली । जिसमे बच्चे, बूढ़े, युवा, सभी हाथों में लाठी , तलवार ,गडासा, भाला, लिए बजरंगबली की जयकारे लगाये. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें,जवान रहने के उपाय, हमेशा जवान दिखने की टिप्स

हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें,जवान रहने के उपाय, हमेशा जवान दिखने की टिप्स

ब्यूटी केर, मुख्य, सौंदर्य
हमेशा जवान दिखने की टिप्स : आज के समय के हर व्यक्ति के जीवन में सुंदरता बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है. नौकरी से लेकर शादी तक सभी जगह सुंदरता का अपना अपना महत्व है. इसीलिए जिसे देखो वही अपनी सुंदरता को बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ-साथ ये प्रयास भी विफल होने लगते है. एक सामान्य उम्र के औरत और उससे 5 साल बड़ी औरत की सुंदरता में जमीं आसमान का अंतर आ जाता है. क्योकि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर और हमारे चेहरे पर कई बदलाव आते है. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); जिसकी वजह से चेहरे अपर झुर्रियां, बालो का झड़ना और असमय सफ़ेद हो जाना और न जाने क्या क्या है. पर ये भी सत्य है की दुनिया का कोई भी व्यक्ति बूढ़ा नहीं दिखना चाहता. वे सभी हमेशा जवान और सुंदरता दिखना चाहते है. लेकिन कुदरत के इस परिवर्तन को बदलना इतना आसान नहीं है. बढ़ती उम्र को छुपा
चम्पारण सत्याग्रह के पहले १०० साल पे आइये जाने सुबह से शाम तक कैसी होती थी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की दिनचर्या

चम्पारण सत्याग्रह के पहले १०० साल पे आइये जाने सुबह से शाम तक कैसी होती थी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की दिनचर्या

देश, मुख्य
चम्पारण में गान्धीजी का निवास एवं दिनचर्या (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push ({}); दिनांक 19.04.1917 को गान्धीजी को लग गया था कि चम्पारण में लम्बे समय तक रहना पड़ेगा तथा सहयोगियों के लिए बड़े एव अलग घर की आवश्यकता पड़ेगी। श्री राम दयाल प्रसाद जो मोतिहारी के साहू घराने के युवक थे । उन्होंने एक अलग मकान की व्यवस्था कर दिया। उसी समय गान्धीजी ने सबोको आदेश दिया कि नये निवास स्थान में चलना है। मकान की सफाई बगैरह होते-होते संध्या हो गई तथा सभी लोगों ने सोचा कि आज रात में नई जगह न जाकर अगले दिन सुबह चले चलेंगे और सभी सहयोगियों ने न जाने का फैसला किया। रात में करीब नौ बजे के बाद गान्धीजी ने जानना चाहा कि नए मकान में कब चलना है तब उन्हें बताया गया कि सब की राय है कि कल सबेरे चलेंगे। सभी सहयोगियों का यह विचार गान्धीजी को पसन्द नहीं आया। उन्होंने सबो से कहा कि ‘‘जब एक बार
उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक, दो घंटे बाद वापस लौटे

उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक, दो घंटे बाद वापस लौटे

देश, मुख्य
बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है. नई दिल्ली: भारत और चीन की सीमा कई स्थानों पर निर्धारित नहीं है, लेकिन कई जगहों पर सीमा स्पष्ट है. इसके बावजूद चीन की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र का उल्लंघन होता रहा है. अब उत्तराखंड में चीनी सेना के जवानों के भारतीय सीमा में घुस आने की खबर है. बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने भी इस बात को माना है चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है. हालां‍क‍ि सेना और सरकारी सूत्रों ने उत्तराखंड के बराहोती में चीनी सेना के घुसपैठ की खबर को गलत बताया है. सूत्रों का कहना है कि वहां आमतौर पर दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के
भोजपुरी आंदोलन का नया प्रारूप है ‘पुरुआ’

भोजपुरी आंदोलन का नया प्रारूप है ‘पुरुआ’

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भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता के लिए बहुत पहले से आवाज उठती आ रही है। लगभग 50 सालों से अलग-अलग स्तर पे आन्दोलन चल रहे हैं। सरकार का इस मुद्दे परक्या रुख है ये तो अबतक साफ नहीं है लेकिन इन दिनों एक संगठन ने आन्दोलन का अलग ही रूप इख़्तियार किया है। कुछ ही दिनों पहले शुरू हुए इस संगठन का मानना है कि भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता ना मिलने की एक बहुत बड़ी वजह ये है कि लोगों को इस भाषा की गहराई नहीं मालूम लोग भोजपुरी को बस अश्लील और द्विअर्थी गीतों से ही जानते हैं। लोगों की इस सोच को बदलने का बीड़ा उठाया है युवाओं के संगठन "पुरुआ" ने। "पुरुआ कुछ यूवाओं का संगठन है जिनका संकल्प है भोजपुरी भाषा में अच्छे और स्तरीय गीत-संगीत का निर्माण करना। इसके लिए इन्होने देश-विदेश से भोजपुरी भाषियों को जोड़ा है एवं नए कलाकारों को लेकर ही गीत संगीत का निर्माण कार्य कर रहे हैं। (adsbygoogle = window.ads