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Author: Mukesh Chakarwarti

महाबीरी झंडा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई । बिहार सारण, कोहरा में बजरंग बली की पूजा धूम धाम से मनाया गया

महाबीरी झंडा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई । बिहार सारण, कोहरा में बजरंग बली की पूजा धूम धाम से मनाया गया

मुख्य
सारण के मांझी प्रखंड में महाबीरी झंडा प्रखंड के लगभग सभी क्षेत्रो मे धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया गया दर्जनो जगह पर लगे महावीरी आखाडा मे लोगो द्वारा अपना अपना करतब दिखाया । प्रखंड मे पूर्व मे महावीरी झंडा के जुलूस के दौरान हुए हंगामा वाले जगहो पर पुलिस की पैनी नजर थी । प्रखंड के कोहरा, नासिरा, पिलुई , चमरहिया , बरेजा गांव मे महावीरी जुलूस के समय पुलिस साथ रहकर शान्ति पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया । पुरे प्रखंड मे महावीरी झंडा मेला के लिए मजिस्ट्रेट की देखरेख मे भिन्न-भिन्न स्थानों पर धूम धाम से मनाया गया । गुरूवार को सभी महावीरी झंडा के कार्यकताओं ने भव्य जुलुस निकाली । जिसमे बच्चे, बूढ़े, युवा, सभी हाथों में लाठी , तलवार ,गडासा, भाला, लिए बजरंगबली की जयकारे लगाये. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
रोहिंग्या मुसलमान: आखिर कौन है रोहिंग्या मुसलमान, क्या ये शरणार्थी है या अवैध प्रवासी ? क्या है चर्चा का बिषय?

रोहिंग्या मुसलमान: आखिर कौन है रोहिंग्या मुसलमान, क्या ये शरणार्थी है या अवैध प्रवासी ? क्या है चर्चा का बिषय?

दुनिया
रोहिंग्या मुस्लिम (Rohingya Muslim) प्रमुख रूप से बर्मा (म्यांमार) के अराकान (जिसे राखिन (Rakhine) के नाम से भी जाना जाता है) प्रांत में बसने वाले अल्पसंख्यक मुस्लिम लोग हैं ये सुन्नी इस्लाम (Sunni Islam) को मानते है, रोहिंग्या भाषा बोलते है प्रतिबन्ध होने की बजह से ये कम पढ़े लिखे है शिर्फ़ बुलियादी इस्लामी तालीम ही हाशिल कर पाते है  । जिनकी संख्या  बर्मा (म्यांमार) में 10 लाख के आश पाश है | ये म्यांमार में सदियों से रहते आये है | लेकिन इनको बर्मा के लोग और वहां की सरकार अभी भी अपनी नागरिक नहीं मानती | ये अब देश बिहीन हो गए, पहले भी इनके पाश अपना कुछ नहीं था | जिस देश को सन 1400 के आसपास ये लोग अपना मान कर बस गए थे आज वही देश इन्हें अपना मानने से इंकार कर रहा है | ये 1430 में रहाइन पर राज करने वाले बौद्ध राजा नारामीखला के दरबार में नौकर थे | राजा ने मुस्लिम सलाहकारों और दरबारियो
हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें,जवान रहने के उपाय, हमेशा जवान दिखने की टिप्स

हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें,जवान रहने के उपाय, हमेशा जवान दिखने की टिप्स

ब्यूटी केर, मुख्य, सौंदर्य
हमेशा जवान दिखने की टिप्स : आज के समय के हर व्यक्ति के जीवन में सुंदरता बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है. नौकरी से लेकर शादी तक सभी जगह सुंदरता का अपना अपना महत्व है. इसीलिए जिसे देखो वही अपनी सुंदरता को बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ-साथ ये प्रयास भी विफल होने लगते है. एक सामान्य उम्र के औरत और उससे 5 साल बड़ी औरत की सुंदरता में जमीं आसमान का अंतर आ जाता है. क्योकि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर और हमारे चेहरे पर कई बदलाव आते है. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); जिसकी वजह से चेहरे अपर झुर्रियां, बालो का झड़ना और असमय सफ़ेद हो जाना और न जाने क्या क्या है. पर ये भी सत्य है की दुनिया का कोई भी व्यक्ति बूढ़ा नहीं दिखना चाहता. वे सभी हमेशा जवान और सुंदरता दिखना चाहते है. लेकिन कुदरत के इस परिवर्तन को बदलना इतना आसान नहीं है. बढ़ती उम्र को छुपा
एक बालक की पुकार

एक बालक की पुकार

साहित्य, हिन्दी साहित्य
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); नोट - घर पर कोई नहीं है रात का समय है एक बालक अकेले घर पर है और डरा हुवा है , अन्धकार के चलते आकाश के चाँद - सितारों को मना रहा है , उनको फुसिला रहा है अपने मीठी बातों से । आजा तारे -चाँद सितारे , आजा मेरे घर पर । मेरे घर को तू चमकादे , अंधियारा तू दूर भगा दे । अच्छा नहीं लगता अंधियारा , तू हीं लगता है मुझे प्यारा । आजा तारे - चाँद सितारे , आजा मेरे घर पर । तेरे बिना ना पढ़ सकता मैं , तेरे बिना ना रह सकता मैं । कैसे मैं तुझे मनाऊँ , कैसे कर मैं तुझे समझाऊँ । मैं तुमसे बिनती करता हूँ, तुमसे मैं रो कर कहता हूँ । हे आकाश के चाँद -सितारे , सुन ले ईश बालक की बाते , कर दे तू अँधियारा दूर , कर दे तू अँधियारा दूर । Mukesh Chakarwarti  
गर्भवती होने के लिए कब क्या करे, क्या है सही समय

गर्भवती होने के लिए कब क्या करे, क्या है सही समय

प्रेगनेंसी-पेरेंटिंग, महिलाएं
स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार गर्भवती होने के लिए जितना सेक्‍स करना जरुरी है उतना ही ये भी जरुरी है की इस बात की जानकारी होनी चाहिए की सेक्स कब किया जाए | इस पहलू पर ना ध्यान देने से कई बार गर्भधारण करने में भी परेशानी भी आती है | क्या है कारण गर्भधारण न कर पाने के पीछे | वैसे तो गर्भधारण कर पाने के पीछे कई कारण हो सकते है| साथ जी इसके तहत महिला और पुरुष के शारीरिक और मानसिक दोनों कारण हो सकते है | ज्यादा तर तो ज्ञान और जानकारी का अभाव होना जिसके तहत सही समय पर सेक्स ना करना, सेक्स के बातो को ध्यान में ना रखना | (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); लेकिन इन सब के साथ और भी बहुत से कारण हो सकते है | गर्भ धारण करने का प्रयत्न करने से पहले वे दोनों अपना शारीरिक परीक्षण करवा लें क्योंकि इससे गर्भावस्था से संबंधित कई समस्याओं का निदान करने में सहायता मिलती है। जानें कि ग
चम्पारण सत्याग्रह के पहले १०० साल पे आइये जाने सुबह से शाम तक कैसी होती थी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की दिनचर्या

चम्पारण सत्याग्रह के पहले १०० साल पे आइये जाने सुबह से शाम तक कैसी होती थी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की दिनचर्या

देश, मुख्य
चम्पारण में गान्धीजी का निवास एवं दिनचर्या (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push ({}); दिनांक 19.04.1917 को गान्धीजी को लग गया था कि चम्पारण में लम्बे समय तक रहना पड़ेगा तथा सहयोगियों के लिए बड़े एव अलग घर की आवश्यकता पड़ेगी। श्री राम दयाल प्रसाद जो मोतिहारी के साहू घराने के युवक थे । उन्होंने एक अलग मकान की व्यवस्था कर दिया। उसी समय गान्धीजी ने सबोको आदेश दिया कि नये निवास स्थान में चलना है। मकान की सफाई बगैरह होते-होते संध्या हो गई तथा सभी लोगों ने सोचा कि आज रात में नई जगह न जाकर अगले दिन सुबह चले चलेंगे और सभी सहयोगियों ने न जाने का फैसला किया। रात में करीब नौ बजे के बाद गान्धीजी ने जानना चाहा कि नए मकान में कब चलना है तब उन्हें बताया गया कि सब की राय है कि कल सबेरे चलेंगे। सभी सहयोगियों का यह विचार गान्धीजी को पसन्द नहीं आया। उन्होंने सबो से कहा कि ‘‘जब एक बार
उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक, दो घंटे बाद वापस लौटे

उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक, दो घंटे बाद वापस लौटे

देश, मुख्य
बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है. नई दिल्ली: भारत और चीन की सीमा कई स्थानों पर निर्धारित नहीं है, लेकिन कई जगहों पर सीमा स्पष्ट है. इसके बावजूद चीन की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र का उल्लंघन होता रहा है. अब उत्तराखंड में चीनी सेना के जवानों के भारतीय सीमा में घुस आने की खबर है. बताया जा रहा है कि चीनी सेना के जवान 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए और दो घंटे के बाद वापस चले गए. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने भी इस बात को माना है चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे. जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले हफ्ते की है. हालां‍क‍ि सेना और सरकारी सूत्रों ने उत्तराखंड के बराहोती में चीनी सेना के घुसपैठ की खबर को गलत बताया है. सूत्रों का कहना है कि वहां आमतौर पर दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के