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भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रचा इतिहास, 5वें वनडे में 26 साल में पहली बार अफ्रीका में जीती सीरीज

भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रचा इतिहास, 5वें वनडे में 26 साल में पहली बार अफ्रीका में जीती सीरीज

क्रिकेट, खेल, मुख्य
टीम प्लेइंग भारत:-  विराट कोहली (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन,  श्रेयस अय्यर, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पंड्या, युजवेंद्र चहल,  भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव | साउथ अफ्रीका:- एडेन मार्करम (कप्तान), हाशिम अमला, एबी डिविलियर्स, जेपी डुमिनी,  डेविड मिलर, तबरेज शम्सी, कैगिसो रबाडा, फेहलुकवायो और मोर्ने मोर्केल, लुंगी नगीदी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर) | टीम इंडिया ने अफ्रीका को दिया 275 रनों का लक्ष्य भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट गंवा कर 274 रन बनाए , रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर का 17वां शतक लगाते हुए 115 रन बनाए | साउथ अफ्रीका साउथ अफ्रीका को जीत के लिए भारत ने  275 रनों का टारगेट दिया. जवाब में   साउथ अफ्रीका  टीम 42.2 ओवर में ही 201 रन बनाकर ऑल आउट हो गई |      
अन्ना का चूस लिया गन्ना:व्ययंग:अजय अमिताभ सुमन

अन्ना का चूस लिया गन्ना:व्ययंग:अजय अमिताभ सुमन

Photo Credit: 4.bp.blogspot.com  पहली बात तो मैं ये बता दूँ , ना तो मैं केजरीवाल जी का विरोधी हूँ और  ना अन्ना जी का समर्थक ।एक बात ये भी बता दूँ की इस लेख का जो शीर्षक है उसका लेखक भी मैं नहीं । इस लेख का लेखक दरअसल एक ऑटो वाला है जिसने हाल ही में ये बात कही थी, मजाकिया अंदाज में।      खैर उसने ये बात "अन्ना का चूस लिया गन्ना" इस परिप्रेक्ष्य में कहा था कि केजरीवालजी ने अपने राजनैतिक कैरियर के लिए अन्नाजी का उपयोग किया , उनका इस्तेमाल किया , फिर उपयोग करके उन्हें फेंक दिया । ये बात मेरे जेहन में भीतर तक घुस गयी । उस ऑटो वाले की बात मुझे बार बार चुभ रही थी।      एक एक करके मुझे वो सारी पुरानी बातें  याद आने लगी । वो रामलीला मैदान याद आने लगा जहाँ मेरे जैसे हजारों लोग अन्ना जी के नाम पे पहुंचे थे।भींगते हुए पानी में अन्नाजी का घंटों तक अन्नाजी इन्तेजार किया था। यहाँ तक की मेर
भारत ने तीसरा वनडे मैच केपटाउन में 124 रन से जीता , सीरीज में 3-0 से बढ़त बनाकर रचा इतिहास

भारत ने तीसरा वनडे मैच केपटाउन में 124 रन से जीता , सीरीज में 3-0 से बढ़त बनाकर रचा इतिहास

क्रिकेट, खेल, देश, मुख्य
भारतीय टीम विराट ब्रिगेड ने केपटाउन वनडे में  साउथ अफ्रीका को 124 रनों से शिकस्त दे कर साउथ अफ्रीका को छह मैचों की वनडे सीरीज में लगातार 3 मुकाबलों में पीटकर जीत की हैट्रिक पूरी कर ली है| टीम इंडिया ने 50 ओवर में 6 विकेट गंवा कर 303 रन बनाए | जवाब में साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 40 ओवर में 179 रन पर ही ढेर हो गई | कुलदीप यादव ने 46 रन देकर 4 विकेट लिए | चहल ने 23 रन देकर 4  विकेट लिए | साउथ अफ्रीका के विकेट्स 1. एलबीडब्लू बो. बुमराह -> हाशिम अमला - 1 रन पर पहला विकेट (1.1 ओवर)  | 2. बो. कुलदीप यादव, स्टंप धोनी -> एडेन मार्करम - 79 रन पर दूसरा विकेट (16.2 ओवर) | 3. एलबीडब्लू बो. चहल - >  हेइनरिक क्लासेन - 88 रन पर तीसरा विकेट (19.2 ओवर) | 4. एलबीडब्लू बो. चहल -> जेपी डुमिनी - 95 रन पर चौथा विकेट (21.5 ओवर)   | 5. बो. बुमराह, कैच धोनी -> डेविड मि
आखिर दिल्ली में  बार-बार क्यों आता  हैं भूकंप ? क्या है इसके बिछे का सच ?  हम भूकंप के लिए आखिर कितना तैयार है ?

आखिर दिल्ली में बार-बार क्यों आता हैं भूकंप ? क्या है इसके बिछे का सच ? हम भूकंप के लिए आखिर कितना तैयार है ?

देश, मुख्य
भूकंप यानी एक ऐसा नाम जिससे सुनते ही लोगों के रोगटे खड़े हो जाते है | दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में आ रहे भूकंप के बार-बार झटको के चलते लोगो में डर बना रहता है | दिल्ली-एनसीआर  भूकंप के सीसमिक जोन 4 में आते हैं जो भूकंप के खतरे में बाहर नहीं है| जिस  खतरे के लिए सरकार पहले से अलर्ट कर राखी है | आज यानि 31 January 2018 के भूकंप ने लोगों को फिर भयभीत कर दिया जिसकी  तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 नापी गई है | कुछ मीडिया के मुताबिक पाकिस्तानी और अफगानिस्तान में कई लोग घायल हुए हैं | भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के कुंदुज में पाया गया है | दुनिया में भूकंप के विनाशलीला किसी से छुपी नहीं है जिसके कल्पना मात्र से से दिल दहल जाता है | भूकंप जोन:- भारत में भूकंप जोन को चार भागों में बाटा गया है | देल्ही-एनसीआर भूकंपीय क्षेत्रों के जोन 4 में स्थित है | ऐसे में दिल्ली एक भी भूकंप झेल नहीं सकत
प्रतिभाशाली गधे-अजय अमिताभ सुमन

प्रतिभाशाली गधे-अजय अमिताभ सुमन

आज दिल्ली में गर्मी आपने उफान पे थी। अपनी गाड़ी की सर्विस कराने के लिए मै ओखला सर्विस सेंटर  गया था। गाड़ी छोड़ने के बाद वहां से लौटने के लिए ऑटो रिक्शा ढूंढने लगा। थोड़ी ही देर में एक ऑटो रिक्शा वाला मिल गया। मैंने उसे बदरपुर चलने को कहा। उसने कहा ठीक है साब कितना दे दोगे ? मैंने कहा: भाई मीटर पे ले चलो ,अब तो किराया भी बढ़ गया है ,अब क्या तकलीफ है? उसने कहा :साहब महंगाई बढ़ गयी है इससे काम नहीं चलता। मैं सोच रहा था अगर बेईमानी चरित्र में हो तो लाख बहाने बना लेती है। इसी बेईमानी के मुद्दे पे सरकार बदल गयी। मनमोहन सिंह चले गए ,मोदी जी आ गए पर आम आदमी में व्याप्त बेईमानी अभी भी जस के तस है। मैंने रिक्शे वाले से कहा भाई एक कहावत है, "ते ते पांव पसरिए जे ते लंबी ठौर" अपनी हैसियत के हिसाब से रहो ,महंगाई कभी कष्ठ नहीं देगी। आजकल कार में घूमता हूँ ,कभी बस में घू
अमर शहीद भगत सिंह का जीवन परिचय –  Biography of Bhagat Singh

अमर शहीद भगत सिंह का जीवन परिचय – Biography of Bhagat Singh

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     जन्मस्थल :-  जन्म 28 सितंबर, 1907  ( गाँव बावली, जिला लायलपुर, पंजाब (अब पाकिस्तान में ) मृत्युस्थल:- मृतु 23 मार्च 1931 ( लाहौर जेल, पंजाब (अब पाकिस्तान में)) आन्दोलन:-  भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम प्रमुख संगठन:-  हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसियेशन, नौजवान भारत सभा, कृति किसान पार्टी पिता :- सरदार किशन सिंह (Kishan Singh ) माता :- विद्यावती कौर (Vidyavati kaur)  दादा :- अर्जन सिंह (Arjan Singh) भाई:- कुलतार संधू (Kultar Sandhu),  जग्गत सिंह (Jaggat Singh) , Kulbir Singh (कुलबीर सिंह ), Rajinder singh (  राजिंदर सिंह ), Ranbir Singh (रणबीर सिंह ) बहन:-  अमर कौर संधू  ( Amar Kaur Sandhu),  प्रकाश कौर ( Prakash Kaur ), Shakuntla ( शकुन्तला ) भगत सिंह का शुरुवाती जीवन :- भगतसिंह का (जन्म 28 सितंबर, 1907 , मृतु 23 मार्च 1931 ) इनका जन्म पंजा
पद्मावत मूवी रिव्यू | Padmaavat Movies Trailer 2018 | Deepika Padukone | Ranveer Singh | Shahid Kapoor

पद्मावत मूवी रिव्यू | Padmaavat Movies Trailer 2018 | Deepika Padukone | Ranveer Singh | Shahid Kapoor

बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, मुख्य
कलाकार - रणवीर सिंह ( Ranveer Singh ) - Allaudin Khilji - दीपिका पादुकोण ( Deepika Padukone ) - Rani Padmavati - शाहिद कपूर ( Shahid Kapoor ) - Rawal Ratan Singh - अदिति राव हैदरी (Aditi Rao Hydari ) - Mehrunissa - जिम सर्भ ( Jim Sarbh ) - शरहान सिंह (Sharhaan Singh) - अनुप्रिया गोएंका (Anupriya Goenka) निर्देशक - संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali ) मूवी टाइप - ड्रामा,ऐक्शन अवधि - 2 घंटा 44 मिनट Release date:- 25 January 2018 पद्मावत महाकाव्य एक सूफी परम्परा का प्रसिद्ध महाकाव्य है | जिसका रचना  मलिक मोहम्मद जायसी दोहा और चौपाई छन्द  में लिखे ग है जो की की  अवधी भाषा में  है | इस  महाकाव्य में चौपाई की प्रत्येक सात अर्धालियों के बाद दोहा आता है और इस प्रकार आए हुए दोहों की संख्या 653 है। इस महाकाव्य की  रचना  संवत् 1540, मतलब ( सन् 947 हिजरी )  में हुई थी। इसकी कुछ
न्यायधीश जब न्याय मांगने निकले जोड़े हाथ:अजय अमिताभ सुमन:

न्यायधीश जब न्याय मांगने निकले जोड़े हाथ:अजय अमिताभ सुमन:

स्वतंत्रता के बाद का इतिहास गवाह है, भारतीय न्याय पालिका ने भारतीय जनतंत्र को मजबूत करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। जब जब ऐसा लगा की भारतीय जनतंत्र खतरे में है, तब तब भारतीय न्याय पालिका ने ऐसे ऐसे जजमेंट पास किये जिससे भारतीय जन तंत्र की शाख बची रही। अभी हाल फिलहाल में माननीय सुप्रीम कॉर्ट के माननीय न्याय धीशों ने जिस तरह से प्रेस कॉन्फ्रेंस किया , उससे आम आदमी की आस्था भारतीय न्याय पालिका में डगमगाई है।आजकल की ये घटनाएँ ये साबित करती है कि माननीय सुप्रीम में सबकुछ ठीक नही चल रहा है । आम आदमी इन घटनाओं से क्षुब्ध है। मैंने राह चलते अनेक लोगो की बात चीत में हताशा महसूस की है। लाचारी महसूस की है। इस कविता के माध्यम से मैने इसी हताशा को परिलक्षित करने की कोशिश की है ।   उजाले की चाह मेंं आखिर ,खोजे दिन अब रात, मुश्किल में हालात देेेश की, बड़ी अजब है बात। इस युद्ध
एक रोटी

एक रोटी

मुख्य, साहित्य, हिन्दी साहित्य
भूख से तड़पते बच्चे को डस्टबिन से एक रोटी निकालकर खाते देखकर मुझे उस समय समझ आई एक रोटी की कीमत | दिल्ली में जॉब करते हुए भी मै एक दिन  कुछ वेब एप्लीकेशन कार्स के लिए  मै एक  दोस्त के माध्यम से मै लक्ष्मी नगर नई दिल्ली  में एक कॉचिंग सेण्टर  में डेमो क्लास लेने गया था | मुझे उस दिन डेमो क्लास कर के अच्छा लगा , टीचर से बात भी किये, वंहा का माहौल और टीचिंग दोनों अच्छा लगा | बहुत दिनों के बाद कॉचिंग सेण्टर की तलाश ख़त्म हुयी थी|  अच्छा कॉचिंग सेण्टर  तलाश ख़त्म होने के कारण खुशी के मारे रूम पर वापस लौट रहा था | रास्ते का पता नहीं चला मै आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पहुच गया, मेट्रो ट्रेन में काफी भीड़ था, शाम के 7 बज रहे थे | मुझे आनंद विहार में एक दोस्त के पास भी जाना था, जिसके चलते मै वही मेट्रो से उतर गया | लेकिन भीड़ काफी थी जिसके चलते मै आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर थोडा रुक कर चलना पसंद