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Author: Mukesh Chakarwarti

कंप्‍यूटर क्‍या है ?  What is Computer ?

कंप्‍यूटर क्‍या है ? What is Computer ?

कंप्‍यूटर
Computer एक electronic device और programmable machine है जो programming instructions को execute करता है उसको respond करता है। अगर हम Oxford Dictionary की बात करें तो कंप्यूटर का अर्थ है electronic Machin है जो कंप्यूटर एक स्वचलित है program के माध्यम से जिसका उपयोग अनेक प्रकार की तर्क पूर्ण गणनाओ (Logical calculation) के लिए प्रयोग किया जाता है। यदि साफ साफ शब्दों में बात करें तो computer एक electronic device है जो यूजर द्वारा प्राप्त information को एक command या प्रोग्राम के अनुसार analyses करके कम समय में unique और विश्वसनीय परिणाम रिजल्ट को देता है। कंप्यूटर (Computer) शब्द अंग्रेजी के "Compute" से बना है , जिसका अर्थ है "गणना" (calculation) करना होता है | मुख्यतः इसका अविष्‍कार "गणना" Calculation करने के लिये हुआ था और इसका उपयोग भी Calculation के लिए होता था | इसीलिए इसे गणक या संगणक
अमर शहीद भगत सिंह का जीवन परिचय –  Biography of Bhagat Singh

अमर शहीद भगत सिंह का जीवन परिचय – Biography of Bhagat Singh

मुख्य
     जन्मस्थल :-  जन्म 28 सितंबर, 1907  ( गाँव बावली, जिला लायलपुर, पंजाब (अब पाकिस्तान में ) मृत्युस्थल:- मृतु 23 मार्च 1931 ( लाहौर जेल, पंजाब (अब पाकिस्तान में)) आन्दोलन:-  भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम प्रमुख संगठन:-  हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसियेशन, नौजवान भारत सभा, कृति किसान पार्टी पिता :- सरदार किशन सिंह (Kishan Singh ) माता :- विद्यावती कौर (Vidyavati kaur)  दादा :- अर्जन सिंह (Arjan Singh) भाई:- कुलतार संधू (Kultar Sandhu),  जग्गत सिंह (Jaggat Singh) , Kulbir Singh (कुलबीर सिंह ), Rajinder singh (  राजिंदर सिंह ), Ranbir Singh (रणबीर सिंह ) बहन:-  अमर कौर संधू  ( Amar Kaur Sandhu),  प्रकाश कौर ( Prakash Kaur ), Shakuntla ( शकुन्तला ) भगत सिंह का शुरुवाती जीवन :- भगतसिंह का (जन्म 28 सितंबर, 1907 , मृतु 23 मार्च 1931 ) इनका जन्म पंजा
पद्मावत मूवी रिव्यू | Padmaavat Movies Trailer 2018 | Deepika Padukone | Ranveer Singh | Shahid Kapoor

पद्मावत मूवी रिव्यू | Padmaavat Movies Trailer 2018 | Deepika Padukone | Ranveer Singh | Shahid Kapoor

बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, मुख्य
कलाकार - रणवीर सिंह ( Ranveer Singh ) - Allaudin Khilji - दीपिका पादुकोण ( Deepika Padukone ) - Rani Padmavati - शाहिद कपूर ( Shahid Kapoor ) - Rawal Ratan Singh - अदिति राव हैदरी (Aditi Rao Hydari ) - Mehrunissa - जिम सर्भ ( Jim Sarbh ) - शरहान सिंह (Sharhaan Singh) - अनुप्रिया गोएंका (Anupriya Goenka) निर्देशक - संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali ) मूवी टाइप - ड्रामा,ऐक्शन अवधि - 2 घंटा 44 मिनट Release date:- 25 January 2018 पद्मावत महाकाव्य एक सूफी परम्परा का प्रसिद्ध महाकाव्य है | जिसका रचना  मलिक मोहम्मद जायसी दोहा और चौपाई छन्द  में लिखे ग है जो की की  अवधी भाषा में  है | इस  महाकाव्य में चौपाई की प्रत्येक सात अर्धालियों के बाद दोहा आता है और इस प्रकार आए हुए दोहों की संख्या 653 है। इस महाकाव्य की  रचना  संवत् 1540, मतलब ( सन् 947 हिजरी )  में हुई थी। इसकी कुछ
सुषमा स्वराज जीवनी – Biography of Sushma Swaraj

सुषमा स्वराज जीवनी – Biography of Sushma Swaraj

लाइफस्टाइल (जीवन शैली)
सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj -14 फ़रवरी, 1952 ) – 26 मई 2014 को केंद्रीय केबिनेट में भारत की विदेश मंत्री चुनी गयी हैं। भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक ( भाजपा - 'भारतीय जनता पार्टी') की शीर्ष महिला मंत्री में गिनी जाती हैं। वे कुछ समय के लिए दिल्ली की पहली महिला मुख्यतमंत्री भी रहीं । 1977 में उन्हें मात्र 25 वर्ष की उम्र में राज्य की कैबिनेट का मंत्री बनाया गया था और 27 वर्ष की उम्र में वे राज्य जनता पार्टी की प्रमुख बनी | सुषमा स्वराज ग्यारहवीं, बारहवीं और पंद्रहवीं लोक सभा की सदस्य चुनी गयी थीं। जन्म तथा शिक्षा :- सुषमा स्वराज का जन्म 14 फ़रवरी, 1952 को अंबाला छावनी, हरियाणा में हुवा था | अंबाला छावनी (Cantt) एक प्रमुख रेलवे जंकशन है। अंबाला जिला हरियाणा एंव पंजाब (भारत) राज्यों की सीमा पर स्थित है। उनके पिता श्री हरदेव शर्मा जो की आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे। उनका विवा
एक रोटी

एक रोटी

मुख्य, साहित्य, हिन्दी साहित्य
भूख से तड़पते बच्चे को डस्टबिन से एक रोटी निकालकर खाते देखकर मुझे उस समय समझ आई एक रोटी की कीमत | दिल्ली में जॉब करते हुए भी मै एक दिन  कुछ वेब एप्लीकेशन कार्स के लिए  मै एक  दोस्त के माध्यम से मै लक्ष्मी नगर नई दिल्ली  में एक कॉचिंग सेण्टर  में डेमो क्लास लेने गया था | मुझे उस दिन डेमो क्लास कर के अच्छा लगा , टीचर से बात भी किये, वंहा का माहौल और टीचिंग दोनों अच्छा लगा | बहुत दिनों के बाद कॉचिंग सेण्टर की तलाश ख़त्म हुयी थी|  अच्छा कॉचिंग सेण्टर  तलाश ख़त्म होने के कारण खुशी के मारे रूम पर वापस लौट रहा था | रास्ते का पता नहीं चला मै आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पहुच गया, मेट्रो ट्रेन में काफी भीड़ था, शाम के 7 बज रहे थे | मुझे आनंद विहार में एक दोस्त के पास भी जाना था, जिसके चलते मै वही मेट्रो से उतर गया | लेकिन भीड़ काफी थी जिसके चलते मै आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर थोडा रुक कर चलना पसंद
सालो साल पुराना कमर दर्द आप खुद ठीक कर सकते है | Back Pain, Slip Disk, Sciatica

सालो साल पुराना कमर दर्द आप खुद ठीक कर सकते है | Back Pain, Slip Disk, Sciatica

मुख्य, योगा, स्वास्थ्य
यदि आप  सालो साल पुराना कमर दर्द से परेशान है तो ये विडियो जरुर देखे , इस विडियो में बताये गाये तरीको से आप खुद ही अपने कमर दर्द से निजाद पा सकते है | https://www.youtube.com/watch?v=mGOLw4d2jEk   कृपया ध्यान दें:-  यह वीडियो क्लिप किताबों और इंटरनेट से प्राप्त ज्ञान के आधार पर बनाया गया है और इस तरह के रूप में इलाज किया जाना चाहिए। कृपया इसे एक चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं मानें किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने स्वास्थ्य देखभाल से परामर्श करें |
आत्म कथ्य-अजय अमिताभ सुमन (सर्वाधिकार सुरक्षित)

आत्म कथ्य-अजय अमिताभ सुमन (सर्वाधिकार सुरक्षित)

  ना पूछो मैं क्या कहता हूँ , क्या करता हूँ क्या सुनता हूँ .  दुनिया को देखा जैसे , चलते वैसे ही मैं चलता हूँ . चुप नहीं रहने का करता दावा, और नहीं कुछ कह पाता हूँ. बहुत बड़ी उलझन है यारो, सचमुच मैं अब शर्मिन्दा हूँ सच नहीं कहना मज़बूरी, झूठ नहीं मैं सुन पाता हूँ . मन ही मन में जंग छिडी है , बिना आग के मैं जलता हूँ . सूरज का उगना है मुश्किल , फिर भी खुशफहमियों से सजता हूँ . कभी तो होगी सुबह सुहानी , शाम हूँ यारो मैं ढलता हूँ .                                                                                               अजय अमिताभ सुमन                                                                                           सर्वाधिकार सुरक्षित
सरकारी दफ्तर या  कार्यालय

सरकारी दफ्तर या कार्यालय

मुख्य, साहित्य
सरकारी दफ्तर हो या दफ्तर का कार्यालय, होता है ऐसा मनमाना जैसा घर का हो जाना , लोग आते है बिनती करते है, हाथ- पैर जोड़कर कहते हैं , जी घुश लीजिये काम कीजिये, अपना ये इनाम लीजिये , ओ कहते है वेतन चाँद का पुर्नावासी है , इससे काम नहीं चलता हैं , और दिजिए काम लीजिये, नहीं तो हम घर चलते है, ऐसा लगता है हम नौकर, ओ हम सब का हैं मालिक, जो कहते हैं वही करते हैं, मन मान है उन सबका , मनमाना चलता है उनका, नहीं उन्हें कोई कुछ कहता, उनके उपर का अधिकारी, उनसे बड़ा घुस खोर हैं, वे भी कुछ ऐसा करते हैं, घुस खोरी पेशा उनका, कोई किसीको क्या समझाए, सब इस दलदल में लदफद हैं, ऐसे मिले जुलें है जैसे अब खींचड़ी पकनें को है || - Mukesh Chakarwarti NOte :- ऐसा नहीं की सभी दफ्तर/कार्यालय में होता है, लेकिन होता है ,
मन की हलचल रोकने का एक सरल तरीका

मन की हलचल रोकने का एक सरल तरीका

ध्यान, मुख्य, लाइफस्टाइल (जीवन शैली), स्वास्थ्य
पतंजलि ने योग की बहुत ही सरल परिभाषा दी थी – योग चित्त वृत्ति निरोधः। इसका अर्थ है मन में आने वाले सभी बदलाव रुक जाने पर योग की स्थिति प्राप्त होती है। जानते हैं ऐसी स्थिति तक पहुँचने का सरल उपाय | अगर आप हर चीज को उसी तरह समझते और महसूस करते हैं, जैसी वो है, तो लोग आपको दिव्यदर्शी या मिस्टिक कहते हैं। अगर आप जीवन को वैसे नहीं देखते, जैसा वह है तो इसका मतलब है कि आप मिस्टिक नहीं मिस्टेक हैं (गलती कर रहे हैं)। अब हम सब मिलकर उस गलती को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। आपके साथ जो कुछ भी घटित होता है, वह उस तरह से इसलिए घटित होता है, क्योंकि वह आपके मन के पर्दे पर उसी तरह से प्रतिबिंबित होता है। हम आइने के उदाहरण से इसे समझने की कोशिश करते हैं। आपके घर पर जो आइना है, वह अगर रोज अपना आकार बदल ले, तो आपको कभी समझ ही नहीं आएगा कि आप कैसा दिखते हैं। इसीलिए पतंजलि ने योग की बहुत ही आसान और टेक्
मां बच्चे पाले या नौकरी करे?

मां बच्चे पाले या नौकरी करे?

मुख्य, रहन सहन, लाइफस्टाइल (जीवन शैली)
पिछले दिनों ‘इन कन्वरसेशन विद द मिस्टिक’ श्रृंखला में फिल्म अभिनेत्री जूही चावला ने ‘प्रेम और जीवन’ विषय पर सद्‌गुरु से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान पुछा गया एक प्रश्‍न महिलाओं के सामने घर संभालने और अपना कैरियर बनाने को लेकर  दुविधा पर आधारित है,  सद्‌गुरु इसके उत्तर में बता रहे हैं कि घर संभालना कैरियर बनाने से कम महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं है… जूही चावलाः- आज के आधुनिक समाज में कई महिलाएं घर से निकल कर अपना कैरियर बना रही हैं। आप महिलाओं द्वारा अपने कैरियर बनाने, घर को संभालने से लेकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बारे में क्या सोचते हैं? सद्‌गुरु: एक इंसान के तौर पर हर महिला को वही करना चाहिए, जो वह करना चाहती है। इसे न तो समाज में ट्रेंड बना लेना चाहिए और न ही दुनिया में एकमात्र करने योग्य काम मान लेना चाहिए। मेरा मानना है कि अगर कोई महिला अप