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चुनाव

हार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन

हार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन

चुनाव
यूपी में मिली करारी हार पर कांग्रेस में समीक्षा शुरू हो गई है. यूपी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव उमेश पंडित का कहना है कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती तो निश्चित ही स्थिति बेहतर होती.
मणिपुरः कभी फुटबॉलर रहे बीरेन सिंह संभालेंगे BJP सरकार का गोल पोस्ट

मणिपुरः कभी फुटबॉलर रहे बीरेन सिंह संभालेंगे BJP सरकार का गोल पोस्ट

चुनाव
मणिपुर में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. पार्टी ने एन बीरेन सिंह को मुख्यमंत्री चुना है. बीजेपी विधायक थोंगम विश्वजीत भी इस पद के दावेदार थे पर आखिरकार बाजी बीरेन सिंह के हाथ लगी. बीरेन सिंह कभी नेशनल लेवल के फुटबॉलर भी रह चुके हैं. बता दें कि 11 मार्च को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस बहुमत नहीं पा सकी, जिसके बाद बीजेपी ने कम सीट होते हुए भी सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. राज्यपाल नजमा हेपतुल्लाह के सामने बीजेपी ने दावा किया है कि 60 सीट वाली विधानसभा में उसके पास 32 विधायकों का सपोर्ट है.
गोवा मामले पर भड़के जेटली, कहा- कांग्रेस कुछ ज्यादा ही शिकायत करती है

गोवा मामले पर भड़के जेटली, कहा- कांग्रेस कुछ ज्यादा ही शिकायत करती है

चुनाव, देश
गोवा में जारी सियासी विवाद को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पलटवार किया है. जेटली ने कहा कि कांग्रेस कुछ ज्यादा शिकायत करती है. गोवा में सिर्फ बीजेपी ने 21 विधायकों के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया है. कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है, जबकि वह सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गई और लोकसभा में भी इस मामले को उठा रही है.
मामूली छात्रनेता से बने CM, कुछ ऐसा रहा पलनीस्वामी का सफर

मामूली छात्रनेता से बने CM, कुछ ऐसा रहा पलनीस्वामी का सफर

चुनाव, देश, मुख्य
चेन्नई, एक मामूली घर में जन्म और चार बार विधायक बनने के बाद ई पलनीस्वामीतमिलनाडु के मुख्यमंत्री के 29वें मुख्यमंत्री के रूप में बहुमत हासिल कर लिया है। शनिवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान उनके पक्ष में 122 वोट पड़े। सिर्फ 11 पार्टी विधायकों ने उनके खिलाफ वोट डाला। बता दें कि छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले इस नेता ने बेहद कम समय में तमिलनाडु के कद्दावर नेताओं में अपनी जगह बना ली। मुख्यमंत्री बनने से पहले वे उनके पास राजमार्ग, लोक निर्माण और लघु बंदरगाह विभाग था। वे जयललिता की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती सरकार में भी मंत्री रहे। उनके पास उस वक्त भी यही विभाग थे। उनके पास करीब सात करोड़ रुपये की संपत्ति है।